अजमेर दरगाह में उर्स पर प्रधानमंत्री सहित अन्य संवैधानिक पदों की ओर से चढ़ने वाली चादरों पर रोक लगाने की गुहार की गई है। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने मामले में कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया है। अजमेर दरगाह में संकट मोचन शिव मंदिर होने का वाद पेश करने वाले विष्णु गुप्ता के प्रार्थना पत्र पर सिविल न्यायाधीश के अवकाश के चलते लिंक कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। वादी पक्ष की ओर से कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। वहीं प्रतिवादियों के कोर्ट में उपस्थित नहीं होने पर कोर्ट ने ऑर्डर को रिजर्व रखा है। उर्स में चढ़ाई जाने वाली चादर पर रोक की मांग
वादी विष्णु गुप्ता के साथ सुनवाई के समय हाईकोर्ट के एडवोकेट संदीप कुमार भी मौजूद रहे। सुनवाई के दौरान सिविल लाइंस थाना पुलिस का जाब्ता भी तैनात रहा। वादी के एडवोकेट संदीप कुमार ने बताया- वीआईपी चादर को लेकर वादी विष्णु गुप्ता की ओर से अजमेर की न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-दो कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया गया। इसमें पहले से चल रहे मामले को देखते हुए और उर्स के मौके पर प्रधानमंत्री सहित अन्य संवैधानिक पदों की ओर से पेश होने वाली चादर पर रोक लगाने की मांग की गई है। फोटो-वीडियो पोस्ट करने से विधिक अधिकारों के हनन की बात कही
कोर्ट की ओर से मामले में सवाल किया गया। इस पर एडवोकेट ने कोर्ट को बताया कि वर्तमान में उर्स शुरू होने जा रहा है। इस पर कभी भी प्रधानमंत्री की तरफ से चादर पेश हो सकती है। अल्पसंख्यक मंत्रालय इस चादर को पेश करता है। चादर पेश करने के बाद हर बार अल्पसंख्यक मंत्रालय फोटो और वीडियो को वेबसाइट पर पोस्ट करते हैं। इससे उनके विधिक अधिकारों का हनन हो रहा है। इसलिए इस पर तुरंत रोक लगाई जाए। एडवोकेट संदीप ने बताया- प्रतिवादियों को 8 दिसंबर को ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। इस मामले में अजमेर न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-दो में न्यायाधीश मनमोहन चंदेल की अदालत में बुधवार को सुनवाई थी। लेकिन जज के अवकाश पर होने के चलते लिंक कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई। प्रतिवादी पक्ष के कोई भी एडवोकेट सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए ऑर्डर रिजर्व रखा है। अजमेर दरगाह विवाद से संबंधित ये खबरें भी पढ़िए… अजमेर दरगाह में मंदिर होने के 3 आधार पेश किए:हाईकोर्ट के जज की किताब का हवाला; वंशज बोले- ऐसी हरकतें देश के लिए खतरा अजमेर-दरगाह में शिव मंदिर दावे वाली याचिका कोर्ट में स्वीकार:अदालत ने मामले को सुनने योग्य माना; दरगाह कमेटी समेत 3 पक्षकारों को नोटिस अजमेर दरगाह में शिव मंदिर मामले में सुनवाई टली:अब 3 जनवरी को होगी सुनवाई; दरगाह कमेटी के प्रार्थना पत्र पर होनी है बहस


