खंडवा में शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने गए फॉरेस्ट अमले पर हमला हो गया। जंगल के बीच अतिक्रमणकारियों ने पत्थर फेंके और गोफन चलाए, जिसमें दो वन आरक्षक घायल हो गए। उनके सिर में चोट आई है। एक आरक्षक की हालत गंभीर है। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वन विभाग ने 9 लोगों के खिलाफ पुलिस में नामजद शिकायत दर्ज करवाई है। एसडीओ संदीप वास्कले ने बताया कि सीताबेड़ी बीट में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। मौके पर सरमेश्वर, पश्चिम कालीभीत सहित गुडी रेंज के 48 जवान और अधिकारी थे। जंगल में तैयार जमीन पर जेसीबी से अतिक्रमण रोधी खंतिया खोदी जा रही थी। इस दौरान 15 से 20 अतिक्रमण कारी झुंड बनाकर आए और वन अमले पर हमला कर दिया। आरोपियों में दुलसिंह (56), ताराचंद पिता थानसिंह (32), राकेश पिता दुलसिंह (28), हुकुम पिता दुलसिंह (32), लालू पिता जामसिंह (27), अमरसिंह पिता गुलाब (40) निवासी मिनाईटांडा ग्राम सेमल्या सहित जितेंद्र पिता परसराम (24), सुनिल पिता रामसिंह (29), रामसिंह निवासी हंडिया (58) व अन्य शामिल हैं। इन्होंने रिजर्व फॉरेस्ट के भीतर वन अमले को घेरकर गोफन एवं कुल्हाड़ी से हमला किया। गोफन का पत्थर लगने से आरक्षक बेहोश हो गया
हमले में वनरक्षक संजय सिंह तोमर के सिर के पीछे गोफन का पत्थर लगने से वह बेहोश हो गया। वनरक्षक त्रिनेश पाटीदार के पैर में गोफन के पत्थर लगे। वहीं प्राइवेट पोकलेन के कांच तोड़ दिए गए। पत्थर लगने से शासकीय वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। घायल वनरक्षक संजय सिंह तोमर को बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के बाद कार्रवाई रोक दी गई। पूरे स्टाफ को सरमेश्वर मुख्यालय वापस बुला लिया गया। पिपलोद थाने में शिकायत दर्ज कराई
वन विभाग ने पिपलोद पुलिस से शिकायत की। 9 नामजद सहित 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ शासकीय में कार्य में बाधा, शासकीय कार्य के दौरान शासकीय सेवकों पर जानलेवा हमला, जान से मारने की धमकी, शासकीय कार्य में संलग्न शासकीय एवं प्राइवेट वाहन को नुकसान पहुंचाने एवं अन्य सुसंगत अधिनियमों एवं धाराओं में एफआईआर की मांग की है।


