छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत मुड़हरा में बना गौठान (पशु आश्रय स्थल) इन दिनों लगातार विवादों में है। यहाँ सिर्फ 50 मवेशियों की क्षमता है, लेकिन फिलहाल 300 से ज्यादा पशु रखे गए हैं, जिससे व्यवस्था बिगड़ गई है और रोज पंचायत कर्मियों व ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति बन रही है। गौठान को चारों तरफ से जाली लगाकर बंद किया गया है और पानी के लिए हौजी भी बनाई गई है, लेकिन टिन शेड न होने के कारण रात में मवेशियों को ठंड और मौसम की मार झेलनी पड़ती है। मवेशियों की संख्या अधिक होने से वे अक्सर आपस में भिड़ जाते हैं और कई बार घायल भी हो जाते हैं। संचालन के लिए राशि नहीं हुई स्वीकृत
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि गौठान संचालन के लिए अब तक कोई राशि स्वीकृत नहीं हुई है और पंचायत फंड से खर्च की भी अनुमति नहीं मिली। ऐसे में सीमित साधनों में ही हालात संभालने की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ ग्रामीण बार-बार विवाद खड़ाकर हालात और मुश्किल बना देते हैं। हाल ही में जनपद सीईओ व जुझारनगर तहसीलदार ने गौठान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा। अधिकारियों ने कुछ सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया और ग्रामीणों से अपील की कि निजी मवेशी घर पर रखें, लेकिन अब तक ज्यादातर मवेशी वापस नहीं ले जाए गए हैं। सरपंच अशोक प्रजापति और सचिव संजू श्रीवास का आरोप है कि ग्राम के बलवीर चंशोरिया विवाद बढ़ा रहे हैं और यहां तक कि गौठान की ताला-चाबी भी छीन ली। मामले की शिकायत प्रकाश बम्हौरी थाने में दर्ज कराई गई है। पंचायत कर्मचारियों ने कहा कि वे उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ही व्यवस्था को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।


