बर्फ दिखती है, पर कश्मीर नहीं। शिकारा भी है, पर डल लेक नहीं। इस पहेली का जवाब है…किशन गढ़ स्नो पार्क…यानी मार्बल स्लरी यार्ड। राजधानी जयपुर से 90 किलोमीटर दूर। 21 साल पहले किशनगढ़ में मार्बल कारोबारियों को डंपिंग यार्ड के लिए जमीन अलॉट हुई। जमीन पर मार्बल का वेस्टेज यानी कचरा डाला जाता था। बर्फ जैसा दिखने वाला ये कचरा लोगों को इतना पसंद आया कि बिना किसी सरकारी या प्राइवेट संस्था के प्रयास के मार्बल स्लरी यार्ड टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन गया। अब तो यहां हॉर्स राइडिंग और बोटिंग की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। हाल ही में नए साल पर करीब 15 हजार लोग 2025 का पहला सूर्योदय देखने यहां पहुंचे थे। अगर आप अब तक किशनगढ़ स्नो पार्क नहीं गए हैं तो ये रिपोर्ट आप ही के लिए है… एंट्री और पार्किंग फ्री यहां के मुख्य आकर्षण दिल्ली, पंजाब और गुजरात से भी आते हैं टूरिस्ट
यहां सबसे ज्यादा पर्यटक दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और राजस्थान के आसपास के क्षेत्रों से आते हैं। इसके अलावा पुष्कर मेले, अजमेर दरगाह उर्स और जयपुर आने वाले पर्यटक भी यहां आते हैं। किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर जैन ने बताया कि यहां प्रतिदिन 3000 से ज्यादा लोगों का आना होता है। वीकेंड (शनिवार और रविवार) और पीक सीजन में फुटफॉल में 30% से 40% का इजाफा होता है। यह संख्या 10 हजार से ज्यादा हो जाती है। प्री–वेडिंग शूट के लिए पसंदीदा स्पॉट में से एक
प्री–वेडिंग शूट के लिए किशनगढ़ का स्लरी स्नो वर्ल्ड प्रमुख डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। यहां प्रतिदिन 25 से 30 फोटो शूट सूर्योदय और सूर्यास्त के समय फिल्माए जाते हैं। इसके अलावा रात को थीम बेस्ड फोटोग्राफी भी होती है। शूटिंग के लिए यह जगह लोकल फोटोग्राफर्स के लिए ही नहीं राजस्थानी और बॉलीवुड फिल्म मेकर्स के लिए भी पसंदीदा लोकेशन बन गई है। साल 2015 में कपिल शर्मा की डेब्यू फिल्म किस किस को प्यार करूं का गाना…तू हीर मेरी…यहां शूट हुआ था। इसी तरह टाइगर श्राॅफ की फिल्म बागी-3 में यहां की खूबसूरती दिखी थी। दिसंबर 2024 में बैडमिंटनप्लेर पीवी सिंधु ने भी अपना प्री वेडिंग शूट यहां करवाया है। वहीं, कई ऐड फिल्मों की शूटिंग भी यहां हो चुकी है। इवेंट गुरु अरशद खान बताते हैं कि प्री वेडिंग के लिए तो यह जगह पॉपुलर है ही, अब इसकी स्लरी से सॉफ्ट प्रोडक्ट्स, प्रोप्स और प्री वेडिंग गिफ्टस भी बन रहे हैं। स्लरी वेस्ट से गुजरात के माेरबी में टाइल्स भी बनती हैं। यहां बोट चलाने वाले राजकुमार और उनके बेटे गौरव ने बताया कि नाव में घुमाने और फोटो–वीडियो के लिए बड़ों से 100 रुपए और बच्चों के 50 रुपए चार्ज करते हैं। मोबाइल कैमरा से 2 वीडियो और 4 फोटो खींचकर देते हैं। इसके अलावा इंगेजमेंट सेरेमनी, प्री वेडिंग, पोस्ट वेडिंग, एनिवर्सरी और वैलेंटाइन डे पर थीम बेस्ड प्रोप्स और ओरिजिनल फूलों की डेकोरेशन भी देते हैं। इसका खर्चा 800 रुपए से शुरू होकर कपल के बजट के हिसाब से 25000 से 30000 तक हो सकता है। 21 साल पहले अलॉट हुई थी जमीन
किशनगढ़ मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर जैन ने बताया कि 2004 में जमीन अलॉट हुई थी। यह क्षेत्र पहले मार्बल वेस्ट (स्लरी) को डंप करने के लिए इस्तेमाल होता था। पॉल्यूशन से बचने के लिए उस समय के चेयरमैन अशोक कुमार पाटनी ने सरकार की मदद से 320 बीघा जमीन अलॉट करवाई। इसके भर जाने के बाद 520 बीघा जमीन और दी गई। स्लरी वेस्ट के डंप करने से 25 से 30 फीट तक पहाड़नुमा स्ट्रक्चर बन गए थे। जो दूर से देखने पर बर्फ जैसे दिखते हैं। वेस्ट के इसी पहाड़नुमा स्ट्रक्चर ने टूरिस्ट और फिल्ममेकर्स को आकर्षित किया। स्लेरी ग्राउंड की बढ़ती लोकप्रियता से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। 2019 में इसे आधिकारिक पर्यटन स्थल घोषित किया गया। अब पढ़िए क्या कहते हैं टूरिस्ट


