मुरैना में बाजरा खरीद में आ रही दिक्कतों को लेकर भारतीय किसान संघ की जिला इकाई ने बुधवार को रैली निकाली। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि इस साल अतिवर्षा के चलते बाजरे में 10 से 20 प्रतिशत तक कालापन आ गया है, जिसके कारण सोसाइटी पर खरीद नहीं हो रही और किसान परेशान घूम रहे हैं। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि सरकारी खरीद केंद्र 5 प्रतिशत तक के कालेपन वाले बाजरे को ही स्वीकार कर रहे हैं। इससे अधिक काला होने पर फसल लौटा दी जाती है। किसानों ने इसे अनुचित बताते हुए नियमों में बदलाव की मांग की। कलेक्टर बोले-गाइडलाइन के हिसाब से होगी खरीदी
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने किसानों से चर्चा कर बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन अनुसार केवल पांच प्रतिशत कालेपन वाले बाजरे की ही खरीद संभव है, इससे अधिक के लिए वे नियमों से बंधे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस मुद्दे पर कृषि मंत्री स्तर पर बात की जाए, क्योंकि नियम वही तय करते हैं। आंदोलन की दी चेतावनी
इधर, भारतीय किसान संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो वे ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मंडी में धरना देंगे और इसके बाद सड़क पर उतरने की भी तैयारी है। संभागीय अध्यक्ष धीरेंद्र तोमर ने कहा कि इस बार बारिश ज्यादा होने से बाजरा काला पड़ा है, ऐसे में 5 प्रतिशत का नियम किसानों के हित में नहीं है। सरकार को खरीद व्यवस्था लचीली करनी चाहिए। खाद्य अधिकारी उमेश शर्मा ने बताया कि सोसाइटियों पर एफईक्यू (मापदंड) के आधार पर खरीदी होती है। केवल वही बाजरा खरीदा जा सकता है जो निर्धारित मानकों पर खरा उतरता हो।


