दरवाजा खोलते ही बरसाई गोलियां, गिराई चार लाशें:सिंगरौली में साइबर फ्रॉड के पैसों के बंटवारे का था विवाद; एक घंटे चला खूनी खेल

सिंगरौली में 4 जनवरी को हुई चार लोगों की हत्या के केस में चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। पहले आरोपियों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, दरवाजा खुलते ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एक का गला भी दबाया। चार लाशें गिरा दीं। आरोपी एक दोस्त को मारने के इरादे से आए थे, लेकिन अन्य तीन लपेटे में आ गए। चारों का शव सैप्टिक टैंक में डाला। वापस आकर खून के छींटे साफ किए। करीब एक घंटे तक यहां खूनी खेल चलता रहा। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को 6 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें एक नाबालिग है। वारदात का मास्टरमाइंड राजा रावत है। जांच में सामने आया कि राजा का जोगेंदर महतो से साइबर फ्रॉड के पैसे को लेकर विवाद था। 4 जनवरी को सैप्टिक टैंक से मिले थे चार शव
दरअसल, 4 जनवरी को बरगवां थाना इलाके के बड़ोखर गांव में एक मकान के पीछे बने सैप्टिक टैंक से चार लोगों के शव मिले थे। इनकी पहचान सुरेश प्रजापति (39), करण साहू (31), राकेश सिंह (29) और जोगेंदर महतो (37) के रूप में हुई। चारों ही जयंत इलाके के रहने वाले थे। चाराें आपस में दोस्त थे। न्यू ईयर की पार्टी मनाने सभी सुरेश के मकान पर आए थे। आरोपियों ने कैसे साजिश रची? क्या दुश्मनी थी? बाकी तीन को क्यों मारा? क्या हुआ था वारदात वाली रात? इन सवालों के जवाब जानने दैनिक भास्कर ने डीआईजी साकेत पांडे से बात की। उन्होंने पूछताछ में आरोपियों द्वारा बताई गई वारदात वाली रात और उससे पहले की कहानी बताई। पढ़िए रिपोर्ट… साइबर फ्रॉड के पैसों के बंटवारे का विवाद
डीआईजी साकेत पांडे ने बताया कि मुख्य आरोपी राजा रावत और जोगेंदर महतो आपस में दोस्त थे। चार साल पहले दोनों झारखंड गए थे। यहां साइबर फ्रॉड के गिरोह से जुड़ गए। दोनों ने पैसा भी कमाया। इसी पैसे से जोगेंदर ने कार भी खरीदी थी। बताया जाता है कि एक फ्रॉड में दोनों को 20 लाख रुपए मिले थे। इसमें जयंत ने राजा को साढ़े सात लाख रुपए दिए थे। इसी को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव हो गया। दो महीने पहले राजा ने जोगेंदर को ठिकाने लगाने की ठान ली। फ्रॉड के पैसे से ही दो पिस्टल भी खरीदीं। वह मौके की फिराक में था। 30 दिसंबर को दोनों साथ ही झारखंड से आए थे। राजा ने 2 महीने बनाया था हत्या का प्लान
30 दिसंबर को ही सुरेश प्रजापति और जोगेंदर महतो मिले। दोनों ने न्यू ईयर की पार्टी का प्लान बनाया। यह बात राजा को भी बताई। राजा को तो जैसे मौका मिल गया। उसने भी हां कर दी। सुरेश प्रजापति के मकान पर पार्टी तय हो गई। उसने साथी रोहित साकेत को भी साजिश में शामिल कर लिया। इसके अलावा, बुद्धसेन, नीरज साकेत, हरिश्चंद्र साकेत और नाबालिग को हत्या के प्लान के बारे में नहीं बताया, उन्हें सिर्फ यह बताया कि झगड़ा होगा, बुलाएं तो आ जाना। वे भी तैयार हो गए। चिकन और शराब पार्टी का इंतजाम भी किया
डीआईजी ने बताया कि 1 जनवरी को राजा रावत, राकेश सिंह के साथ सुबह बड़ोखर गांव स्थित सुरेश प्रजापति के मकान पर पहुंचे। बाकी करण, सुरेश और जोगेंदर भी पहुंच गए। दिनभर राजा मकान पर रहा। दिन में चिकन पार्टी हुई। शाम के लिए राजा मटन और शराब लेकर पहुंचा। जोगेंदर ने इसके लिए पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। पहले दिन उसने भरोसा बना लिया। पार्टी का पूरा खर्च जोगेंदर ने ही उठाया था। सभी ने रातभर पार्टी की और सो गए। दूसरे दिन यानी 2 जनवरी को राजा फिर से बाजार से अंडे और शराब लेकर आया। सुबह फिर सभी ने खाना बनाकर खाया। दोपहर में करण साहू और सुरेश वापस जयंत चले गए। यहां दोनों ने मिलकर करण के बेटे के लिए कुछ खाने का सामान दिलवाया। इसके बाद शाम करीब 5 बजे दोनों वापस बड़ोखर गांव पहुंचे। शाम करीब 6 बजे जोगेंदर ने राजा को फिर से चिकन लाने के लिए पैसे दिए। राजा वापस बाजार से शराब और चिकन लेकर 8 बजे तक पहुंचा। सभी लोग शराब पार्टी करने और चिकन बनाने में मशगूल हो गए। रात करीब 9 बजे राजा यह कहकर उठ गया कि मेरा पेट भर गया है। वह बाहर निकल गया। साजिश के तहत रोहित, साकेत समेत अन्य पांच लोगों को कॉल कर बुलाया। साथ ही, घर कॉल करके रोहित से पिस्टल भी मंगवा ली। जो दिखा उसे गोली मार दी, बिछा दी चार लाशें
बड़ी बात ये है कि रोहित को छोड़कर सभी को यह कहकर बुलाया था कि राजा के साथ विवाद हुआ है। रात करीब 9:30 बजे सभी आरोपी बरगवां पहुंच गए। राजा घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर ढाबे पर सभी से मिला। उन्हें प्लान बताया। थोड़ी देर वह सभी वहां रहे। राजा ने रोहित को बता दिया था कि जो भी रास्ते में आए, गोली मार देना। इसके बाद सभी आरोपी घटनास्थल सुरेश प्रजापति के मकान पर पहुंचे। राजा रावत और उसके पांचों दोस्त घर के पीछे वाले दरवाजे पर पहुंचे। प्लान था कि जोगेंदर सिंह जैसे ही दरवाजा खोलेगा, उसे गोली मार देंगे। इसके बाद भाग जाएंगे। प्लान के तहत राजा ने दरवाजा खटखटाया। जोगेंदर नशे में था, इसलिए सुरेश प्रजापति ने दरवाजा खोला। रोहित साकेत ने पिस्टल से दो गोलियां सुरेश प्रजापति को मार दी। एक गोली उसके सिर और दूसरी छाती पर लगी। सुरेश वहीं ढेर हो गया। आवाज सुनकर करण साहू और राकेश सिंह दौड़े। इसके बाद राजा ने करण साहू के सिर में गोली मारी। राकेश सिंह ने राजा को रोकने की कोशिश की। कहा- यह ठीक नहीं किया। बचने के लिए खुद भागने लगा। राजा के सिर पर खून सवार था। उसने राकेश सिंह को भी तीन गोलियां दाग दीं। इस बीच, आरोपी बुद्धसेन, हरिश्चंद्र, नीरज और नाबालिग ने मिलकर पप्पू उर्फ जोगेंदर को दबोच लिया। पहले उसका गला दबाया, फिर उसके चेहरे और सिर पर नुकीले हथियार से वार किए। जोगेंदर की भी मौत हो गई। करीब 15 मिनट तक मौत का तांडव चलता रहा। इसके बाद 45 मिनट में शवों को ठिकाने लगाया। शवों को सैप्टिक टैंक में डाला, फिर साफ किए धब्बे
सभी आरोपियों ने मिलकर चारों शवों को मकान के पीछे सैप्टिक टैंक में डाल दिया। उसके ऊपर कंबल, रजाई, गद्दे और मृतकों के जूते, कपड़े सब कुछ टैंक में डाल दिया। ऊपर से उस पर पत्थर की पटिया रख दी। इसके बाद आरोपियों ने घटनास्थल से खून के धब्बे साफ किए। वहां से फरार हो गए। राजा ने कहा था- मैं लौट गया था, फिर ऐसे पकड़ाए
डीआईजी ने बताया कि जांच के दौरान पहला शक राजा रावत पर ही हुआ था, क्योंकि वह राकेश सिंह को लेकर बड़ोखर गया था। वारदात के बाद वह चुपचाप जयंत स्थित अपने घर चला गया था। इसके बाद राकेश सिंह की मां संपतिया ने फोन कर पूछा, तो उसने कह दिया कि वह तो राकेश को छोड़कर आ गया था। इसके बाद पुलिस ने राजा को पकड़कर पूछताछ की। उसने पूरी कहानी बयां कर दी। फिलहाल, वारदात में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और एक खाली मैगजीन बरामद की गई है, जबकि दूसरी पिस्टल की बरामदगी बाकी है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें- 4 शव मिलने के मामले में भाई-भाभी पर शक
सिंगरौली में सेप्टिक टैंक से चार शव मिलने के मामले में पुलिस एक दंपति को पूछताछ के लिए थाने लाई है। इनमें से पति बिहारी, एक मृतक सुरेश प्रजापति की मौसी का लड़का है। पुलिस को सुरेश के कमरे से खून के धब्बे भी मिले हैं। कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। पढ़ें पूरी खबर… 3 युवकों को गोली मारी, एक की गला दबाकर हत्या सिंगरौली जिले के बरगवां में चार लोगों की हत्या के मामले का खुलासा पुलिस ने कर दिया। तीन युवकों की हत्या गोली मारकर की गई थी। वहीं एक का गला घोंट दिया था। इसके बाद शव सेप्टिक टैंक में फेंक दिए थे। पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं। पढ़ें पूरी खबर सिंगरौली में सेप्टिक टैंक में मिली 4 लाशें
सिंगरौली में एक मकान के पीछे बने सेप्टिक टैंक में चार लोगों के शव मिले हैं। इनमें से एक मकान मालिक का बेटा है। वह नए साल पर सुबह तीन दोस्तों के साथ घर से निकला था। लोगों ने शनिवार को बदबू आने के बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस बल और फोरेंसिक टीम भी पहुंची। पढ़ें पूरी खबर…

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