भिंड में 25 पार्षदों ने की इस्तीफा देने की तैयारी:तीन के इस्तीफे आए सामने, बोले– काम नहीं हो रहे-जनता हमें निकम्मा समझ रही

भिंड नगर पालिका में पार्षदों का नाराज़गी भरा माहौल अब खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार शाम तीन पार्षदों के इस्तीफे की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसके बाद मामले में हलचल बढ़ गई। दैनिक भास्कर ने तीनों संबंधित पार्षदों से बात की। उनका कहना है कि जब वार्डों में विकास कार्य नहीं हो रहे, परिषद की बैठकें नहीं होतीं और जनता के काम अटके पड़े रहते हैं, तो पार्षद पद पर बने रहने का क्या अर्थ? पार्षदों और पार्षद प्रतिनिधियों का आरोप है कि नगर पालिका एक नेता के इशारे पर संचालित हो रही है, अधिकारियों की मनमानी चल रही है, टेंडर नहीं निकल रहे और लगभग दो साल से किसी भी वार्ड में कोई प्रमुख विकास कार्य या भूमि पूजन नहीं हुआ। उनका दावा है कि 20–25 पार्षदों ने अपने इस्तीफे तैयार रख लिए हैं, जिन्हें वे जल्द ही कलेक्ट्रेट में सौंपने की तैयारी में हैं। भास्कर ने तीनों पार्षदों से की बातचीत पार्षद पति बोले- जनता नाकारा समझ रही
वार्ड 39 की पार्षद केशकली के पति मनोज अर्गन ने बताया कि यह सिर्फ मेरा इस्तीफा नहीं, 25 पार्षद इस्तीफा देने वाले हैं। मैंने तो कॉपी वायरल कर दी है, बाकी के पास भी लिखी हुई रखी है। जनता हमें नकारा समझने लगी है। विपक्ष है ही नहीं, और सत्ता पक्ष की भी सुनवाई नहीं। सीएमओ मनमर्जी से पैसे पास कर देते हैं। इंजीनियर नहीं, काम बंद, सीवर प्रोजेक्ट तक शुरू नहीं हुआ। अब बड़ा विस्फोट होना तय है। हर शाखा में हो रहा भ्रष्टाचार
वार्ड 10 की पार्षद ममता के पति रामहेत शाक्य ने कहा हम सभी ने तैयारी कर ली है। सफाई, पीएचई, स्वास्थ्य—हर शाखा में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। परिषद की अनुमति बिना एक-एक लाख तक की फाइलें तैयार हो जाती हैं। भर्तियां लगातार, विकास ठप। स्वास्थ्य शाखा में सबसे ज्यादा अनियमितता है। अध्यक्ष वर्षा बाल्मिकी के जेठ अमरदीप ढाई सौ फाइलें बनाकर गायब कर चुके हैं। दो महीने से कचरा गाड़ी गायब
वार्ड 18 की पार्षद सालेहा खान के पति काजी अलीउद्दीन खान बोले तीन साल में वार्ड में एक गिट्टी तक नहीं लगी। दो महीने से कचरा गाड़ी भी गायब है। सीएमओ कॉल नहीं उठाते, हेल्थ ऑफिसर कहते हैं चार्ज छीन लिया गया। जनता गालियां दे रही है, अब काहे की पार्षदी? आज ही साथी पार्षद ने इस्तीफे की फोटो भेज दी। हम सब लिख चुके हैं, बस जमा करना बाकी है। पहले कलेक्टर को बतायेंगे, नहीं सुना तो इस्तीफा तय। दैनिक भास्कर ने इस मामले में सीएमओ यशवंत वर्मा से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं नपा उपाध्यक्ष भानुप्रताप भदौरिया ने माना कि परिषद की स्थिति ठीक नहीं है और शहर का विकास रुका हुआ है—”पार्षद नाराज हैं, इस्तीफा देने की तैयारी में हैं।”

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