भोपाल में साक्ष्यों की सुरक्षा को लेकर टीटी नगर थाने में प्रदेश का पहला ई-मालखाना शुरू किया गया है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बुधवार को इसका शुभारंभ किया। इसके साथ ही थानों में रखे जाने वाले सबूतों की सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल रूप देने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अभी रजिस्टर में दर्ज किया जाता था रिकॉर्ड पुलिस के मुताबिक अब तक थानों में अपराध से जुड़े हथियार, नकदी, मोबाइल फोन, नशीले पदार्थ, वाहन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को रजिस्टरों में दर्ज किया जाता था। इन्हें पोटली या बक्सों में बंद कर अलमारियों में रखा जाता था। कई मामलों में कीमती सामान के रख-रखाव में लापरवाही सामने आती थी, जिससे कोर्ट में पेशी के दौरान परेशानी होती थी। अन्य राज्यों में मालखानों से चोरी और हेराफेरी के मामले भी सामने आ चुके हैं। इन सभी कमियों को दूर करने के लिए अब ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। टीटी नगर थाने से की गई शुरुआत पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने शुभारंभ करते हुए बताया कि टीटी नगर थाने से इस बदलाव की शुरुआत की गई है और जल्द ही भोपाल के अन्य थानों के साथ पूरे प्रदेश में ई-मालखाना व्यवस्था लागू की जाएगी। इस प्रणाली के तहत पुलिसकर्मियों के मोबाइल में ई-मालखाना एप डाउनलोड कराया गया है। किसी भी जब्ती के बाद माल का पूरा विवरण डिजिटल रूप से एप में दर्ज किया जाएगा। इसमें माल का प्रकार, वजन, केस नंबर, जब्ती की तारीख, विवेचक का नाम, माल की फोटो और कोर्ट में पेशी की तारीख जैसी जानकारी शामिल होगी। क्यूआर कोड स्कैन कर तुरंत मिलेगी जानकारी डाटा दर्ज होने के बाद हर जब्त माल को यूनिक आईडी और क्यूआर कोड दिया जाएगा। यह क्यूआर कोड सीधे उस बक्से पर चिपकाया जाएगा, जिसमें माल रखा होगा। अधिकृत पुलिसकर्मी क्यूआर कोड स्कैन कर तुरंत यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे कि माल किस केस से जुड़ा है, कहां रखा है और कब कोर्ट में पेश किया जाना है।


