संगीत सम्राट के नगर में सोमवार की रात तीन पीढ़ियों की ओर से सितार पर सुरों की जुगलबंदी ने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शासकीय संगीत कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में नए साल के आगमन को सुरों और तालों के संग मनाया गया। हर महीने की पहली तारीख को होने वाला यह आयोजन इस बार 6 जनवरी को आयोजित हुआ। नवोदित कलाकारों की प्रस्तुति ने माहौल को संगीत से सराबोर कर दिया। शास्त्रीय गायन और कत्थक नृत्य से सजी शाम अटाला आर्ट और जिला प्रशासन के सहयोग से उभरते कलाकारों के लिए समर्पित इस मंच पर राम सुमन चौरसिया, उनके बेटे धीरज चौरसिया और नाती रुद्रांश चौरसिया ने सितार पर सुरों की अनोखी प्रस्तुति दी। इसके बाद संस्कृति ने कत्थक नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्तिक शुक्ल के तबला वादन और तुलसी त्रिपाठी के शास्त्रीय गायन ने माहौल को सुरमयी बना दिया। सम्मानित अतिथि और दर्शक कार्यक्रम में मैहर राजघराने की राजमाता कवितेश्वरी देवी, कलेक्टर रानी बाटड, एसडीएम विकास सिंह, अटाला आर्ट के स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।


