भास्कर न्यूज| जशपुरनगर अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में बगीचा नगर में आज 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। नगर में 2100 कलशों की शोभायात्रा ने आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। मातृशक्तियों ने पीत वस्त्र धारण कर पूरे नगर में आध्यात्मिक वातावरण बनाया। विचार क्रांति अभियान के पीले ध्वजों और पुष्प सज्जा से नगर सजा रहा। गायत्री प्रज्ञा पीठ बगीचा, शिव मंदिर रौनी रोड और झांपीदरहा दुर्गामंदिर से निकली कलश यात्राएं डोड़की स्थल पर एकत्रित हुईं। यहां जल पूजन कर देवशक्तियों का आवाहन किया गया और फिर कलशों को विधि-विधान से यज्ञशाला में स्थापित किया गया। शांतिकुंज हरिद्वार से आए प्रज्ञा पुरोहितों दिनेश पटेल, भूषण साहू, छविलाल, हेमलाल और गणेश का यज्ञ समिति ने स्वागत किया। महिला मंडल ने मातृशक्तियों का पूजन और आरती संपन्न की। प्रथम दिवस के मुख्य संबोधन में टोली नायक दिनेश पटेल ने कहा कि यह महायज्ञ दुख निवारण और विचार निर्माण का अवसर है। उन्होंने बताया कि जहां गायत्री यज्ञ होता है, वहां दृष्टिकोण स्वतः परिवर्तन की ओर अग्रसर होता है। पटेल ने कहा कि यज्ञ जीवन का अनुशासन है और इसमें अर्पित किया गया शुभ फल अनेक गुना लौटता है। उन्होंने इसे सर्वोत्तम कर्म बताते हुए शास्त्रों का हवाला दिया। कार्यक्रम में भक्ति गीतों ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। आयोजकों ने बताया कि यह अनुष्ठान तीन दिनों तक चलेगा। कल प्रातः 9 बजे से यज्ञ हवन, देवपूजन और देव आवाहन की विधियां संपन्न होंगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की अपेक्षा है। 2100 कलशों के साथ निकाली शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु।


