भास्कर न्यूज | रायगढ़ पड़िगांव हायर सेकंडरी स्कूल की व्याख्याता एलबी सौदामिनी साहा ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार प्रभारी प्राचार्य डीएल पटेल ने न केवल उनके सितंबर-अक्टूबर का वेतन बिना किसी कारण रोक दिया है। बल्कि जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी वेतन भुगतान व उपनाम परिवर्तन संबंधी आदेश का पालन भी नहीं किया है। व्याख्याता 2008 से स्कूल में पढ़ा रही हैं। शिक्षिका ने वेतन भुगतान के लिए 8 जुलाई 2025 को डीईओ रायगढ़ को आवेदन दिया था। 18 अगस्त 2025 को स्मरण पत्र भी प्रस्तुत किया। आखिरकार कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दी। इसके बाद डीईओ ने प्रभारी प्राचार्य को वेतन भुगतान व उपनाम परिवर्तन संबंधी कार्रवाई का निर्देश जारी किया। बावजूद इसके प्रभारी प्राचार्य की ओर से अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। 70,990 की स्वीकृति, खाते में पहुंचे सिर्फ 57 हजार रुपए: शिक्षिका का अक्टूबर 2024 का वेतन 70,990 रुपए स्वीकृत किया गया था। खाते में 8 सितंबर 2025 को 57,150 रुपए ही जमा किए गए। 13,840 रुपए क्यों रोके गए कोई कारण नहीं बताया गया। व्याख्याता का आरोप है कि स्वीकृत वेतन राशि में से कटौती की गई रकम प्राचार्य ने अपने खाते में जमा करा ली है। यह वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। उन्होंने पूरे मामले की निपक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। उपनाम परिवर्तन का निर्देश आज तक लंबित व्याख्याता के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को उपनाम परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया करने कहा था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह लापरवाही विभागीय आदेश की सीधी अवहेलना है। सभी आरोप बेबुनियाद ^आरोप पूरी तरह से निराधार है। मैं निर्दोष हूं। असल में व्याख्याता द्वारा मुझे फंसाने के लिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। मैं डीईओ को अपनी सफाई दे चुका हूं। डीएल पटेल, प्रभारी प्राचार्य, हायर सेकेंडरी स्कूल पड़िगांव


