मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना…फंड के अभाव में इलाज का इंतजार हो रहा लंबा

भास्कर एक्सक्लू​िसव बोकारो जिला के 20 गंभीर मरीजों का इलाज इस समय फंड की कमी के कारण अधर में अटका हुआ है। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत कैंसर, किडनी फेल्योर, हृदय रोग, लीवर समस्या और ब्रेन हेमरेज जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सरकारी सहायता की मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन विभागीय फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण इलाज शुरू नहीं हो पा रहा है। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि बोकारो जिला के 20 मरीजों के इलाज के लिए कुल दो करोड़ रुपए की आवश्यकता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत 150 मरीजों को कुल 3 करोड़ 50 लाख रुपए की स्वीकृति मिली थी। वहीं वर्ष 2025-26 में नवंबर माह तक कुल 115 आवेदन आए, जिसमें सभी की स्वीकृति मिल गई है। लेकिन 20 गंभीर मरीजों के आवेदन की स्वीकृति मिलने के बाद भी फंड के अभाव में पैसा नहीं मिल सका है। मरीजों की पीड़ा : कागज पास, फंड अधर में केस-1 : सीएस कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं परिजन चंदनकियारी प्रखंड के भोजूडीह निवासी कमला देवी कैंसर से पीड़ित है। उन्होंने मुख्यमंत्री गंभीर बिमारी योजना के तहत आवेदन दिया है। आवेदन की स्वीकृति भी हो गई है, लेकिन पिछले एक माह से फंड नहीं आया है, जिसके कारण वह इलाज से वंचित हैं। उनके परिजन सिविल सर्जन कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं। केस-2 : योजना की स्वीकृति मिली, लेकिन फंड नहीं मिला जिले के नावाडीह प्रखंड के अलारगो निवासी हेमंती देवी कैंसर से पीड़ित है। आवेदन दिया और जिला स्तर पर स्वीकृति मिल चुका है। स्वीकृति मिलने के बावजूद फंड नहीं होने से उपचार शुरू नहीं हो रहा है। उन्हें बताया गया कि राज्य से फंड मिलने के बाद राशि दी जाएगी। इसके पहले जिला स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है। मूल निवासी होगा आवेदक आवेदक झारखंड का मूल निवासी होना चाहिए। वार्षिक आय लगातार 3 वर्ष से 8 लाख रुपए प्रति वर्ष से कम होनी चाहिए। कैंसर, लिवर, किडनी प्रत्यारोपण, एसिड अटैक से प्रभावित आवेदक के लिए कोई आय सीमा नहीं है। आवेदन करने के लिए निवास का प्रमाण, स्थाई प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, चिकित्सा प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, आय प्रमाण पत्र आदि जमा करना होगा। फंड की मांग कर चुके हैं, राशि आते ही मिल जाएगी फंड की मांग कर चुके हैं। बीच में स्मार पत्र भी भेजा गया है, ताकि जल्द से जल्द राशि उपलब्ध हो सके और गंभीर मरीजों का इलाज शुरू हो सके। कई मरीज इलाज भी करा रहे हैं। इसी महीने फंड आने की संभावना है। राशि आते ही संबंधित मरीजों के इलाज के लिए भेज दी जाएगी। – डॉ. अभय भूषण, सिविल सर्जन, बोकारो। स्वास्थ्य विभाग की धीमी प्रक्रिया में हो रही देरी जिला के सिविल सर्जन फंड की मांग कर चुके हैं, लेकिन विभाग स्तर से ही आवंटन नहीं आया है। वहीं गंभीर बिमारी से ग्रसित मरीज और उनके परिजन राशि के आवंटन का इंतजार कर रहे हैं। कहा जाए तो अपने मरीजों के बेहतर चिकित्सा के लिए परिजनों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इससे वह चि​ंतित भी हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की धीमी प्राथमिकता और प्रक्रिया में आ रही देरी को उजागर करती है। लेकिन दो महीने के बाद भी फंड जारी नहीं होने से इलाज शुरू नहीं हो पाया है। वहीं कैंसर, किडनी व हार्ट के मरीज जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। केस-3 : चास प्रखंड के बांधगोड़ा साइड निवासी मीना देवी पिछले कई माह से कैंसर से पीड़ित है। पिछले माह ही आवेदन किया था। सिविल सर्जन कार्यालय बोर्ड ने इलाज के लिए उसके आवेदन को मंजूर भी कर लिया, लेकिन अस्पताल को फंड नहीं मिला। इसके कारण अस्पताल का बिल बढ़ते जा रहा है और परिवार आर्थिक रूप से टूट रहा है।

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