भास्कर न्यूज | गढ़वा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) धुरकी से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने के मामले में जांच की रफ्तार अब तेज हो गई है। पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू पर नजर रखना शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिल रहे हैं कि यह सीएचसी के चिकित्सक व चिकित्साकर्मी की एक सुनियोजित साइबर फर्जीवाड़े का हिस्सा हो सकता है। इसी कारण अब पुलिस तकनीकी पहलुओं को खंगालने के लिए साइबर सेल की मदद भी ले रही है। इस मामले में अब जांच तेज हो गई है। संदिग्ध लोगों को केंद्र में रखकर पुलिस जांच कर रही है। संदिग्ध लागों की निकाली जा रही कॉल डिटेल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर तकनीकी पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण भी किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि बहुत जल्द इस पूरे फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों तक पुलिस पहुंच जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और सीएचसी में ऐसे मामलों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो सके। बताया गया कि इस मामले में शुरुआत में मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सिविल सर्जन) ने इसे साइबर फ्रॉड मानते हुए इसकी शिकायत साइबर थाना में दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन गढ़वा जिले में साइबर थाना नहीं होने के कारण यह तकनीकी रूप से संभव नहीं हो पाया। बाद में मामला धुरकी थाना में दर्ज कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। धुरकी थाना प्रभारी जनार्दन राउत ने बताया कि दो दिन पूर्व इस घटना से संबंधित प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरी गंभीरता और मुस्तैदी से जांच में जुटी है। जांच के दौरान यह पता चला है कि कुछ मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने के लिए किया गया था। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ये नंबर किन व्यक्तियों के नाम पर जारी हुए हैं, उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और क्या इन नंबरों का इस्तेमाल किसी गिरोह द्वारा किया जा रहा है।


