झारखंड में अब सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेनी होगी। आयोजकों को अनुमति के लिए बोर्ड में जमानत राशि जमा करनी होगी। कार्यक्रम के बाद बोर्ड के सदस्य स्थल की जांच करेंगे। वहां साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त होगी, तभी जमानत राशि वापस की जाएगी। क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद लोग गंदगी छोड़ देते हैं।
हाईकोर्ट बुधवार को रामगढ़ में वायु-पानी के प्रदूषण से जुड़ी राम किशोर की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की कोर्ट ने राज्य प्रदूषण बोर्ड से पानी-वायु और ध्वनि प्रदूषण करने वालों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी। कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कोर्ट ने राज्य सरकार को प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने का भी निर्देश दिया। पूछा कि जिस मानक के प्लास्टिक प्रतिबंधित किए गए हैं, उसका पालन हो रहा है या नहीं। प्लास्टिक का दुरुपयोग करने वालों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी रिपोर्ट भी मांगी। अब पांच जनवरी को अगली सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिवम उत्कर्ष सहाय ने पक्ष रखा।


