जनता के अधिकार के लिए शहीद वीर नारायण अंग्रेजों से लड़े: मेश्राम

भास्कर न्यूज| महासमुंद छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी वीर नारायण सिंह की जयंती पर उन्हें स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कसेकेरा में बच्चों को उनके जीवन के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विज्ञानसभा के अध्यक्ष व सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर विश्वास मेश्राम ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बीहड़ जंगलों से घिरे सोनाखान में बिंझवार जमींदार राम राय के घर 1795 में जन्मे वीर नारायण सिंह ने गरीबों और किसानों के अधिकार के लिए ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि गरीबों की भूख मिटाने के लिए उन्होंने बिचौलियों के गोदामों से अनाज निकालकर जरूरतमंदों में बांटा, जिसके कारण उन्हें पकड़कर रायपुर सेंट्रल जेल में रखा गया। तत्पश्चात 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक में ब्रिटिश शासन ने उन्हें फांसी दे दी। उनका बलिदान आज भी छत्तीसगढ़ की जनता के हृदय में अमर है। विद्यालय के प्रधान पाठक डा. विजय शर्मा ने वीर नारायण सिंह को गरीबों का मसीहा, सच्चे देशभक्त, न्यायप्रिय व साहसी योद्धा बताते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। शिक्षिका लक्ष्मी साहू ने बताया कि वीर नारायण सिंह की स्मृति में डाक टिकट, रायपुर के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, स्मारक, शासकीय इमारतें व जलाशय का नामकरण कर उन्हें सम्मानित किया गया है। बलिदान हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की शक्ति देता है: इसी तरह गांधी कांग्रेस भवन महासमुंद में शुरुआत वीर नारायण सिंह जी के जीवन-संघर्ष, उनके बलिदान और राष्ट्रहित में किए गए अद्वितीय योगदान को याद करते हुए की गई। नगरपालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कहा कि वीर नारायण सिंह का बलिदान हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की शक्ति देता है। इस मौके पर खिलावन बघेल शहर अध्यक्ष, ढेलू निषाद, दाऊलाल चंद्राकर, प्रमोद चंद्राकर सहित अन्य मौजूद थे। वे आदिवासियों और वंचित वर्गों की आवाज थे: ध्रुव कोडार में छग अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ जिला, ब्लाक इकाई महासमुंद के ने कोडार में बुधवार को शहीद वीरनारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित किया। मुख्यअतिथि आरएन ध्रुव संघ के प्रांताध्यक्ष ने कहा कि वे न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के किसानों, आदिवासियों और वंचित वर्गों की आवाज थे। अंग्रेजी अत्याचारों के खिलाफ उन्होंने जिस साहस और दृढ़ता के साथ संघर्ष किया। इस मौके पर एसपी ध्रुव प्रांतीय संयुक्त सचिव, एमएल ध्रुव जिलाध्यक्ष, महेश ध्रुव, राम कुमार ध्रुव, तुला राम ध्रुव मौजूद थे।

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