भरतपुर मथुरा गेट थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। तेज रफ्तार पिकअप ने स्कूटी को टक्कर मार दी, जिसमें 8 वर्षीय मासूम अंशु की मौके पर ही मौत हो गई। सड़क पर बच्चे के शरीर के टुकड़े बिखर गए। हादसा शाम करीब 6 बजे मडरपुर की निर्माणाधीन सड़क पर हुआ। जानकारी के अनुसार, गोविंद नगर निवासी राखी (30) अपने बेटे अंशु (8) और बेटी आरू (7) को कृष्णा कॉलोनी स्थित ट्यूशन से लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही भरतपुर इलेक्ट्रिसिटी सर्विसेज लिमिटेड की ठेके पर लगी पिकअप ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से मां और बेटी एक ओर गिर गईं, जबकि अंशु दूसरी ओर गिरा और पिकअप का पहिया उसे कुचलता हुआ निकल गया। हादसे में अंशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मां और बेटी घायल हो गईं। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने पिकअप को आग के हवाले कर दिया। मौके से कर्मचारी वाहन छोड़कर फरार हो गए। पिकअप पूरी तरह जलकर खाक हो गई। भरतपुर ग्रामीण थाना सीओ कन्हैया लाल ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल मां और बेटी को अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतक अंशु तीसरी कक्षा का छात्र था, जबकि उसकी बहन आरू पहली कक्षा में पढ़ती है। अंशु के पिता ओमेंद्र कोटा एसओजी में कांस्टेबल हैं और दादा रामवीर सिंह एएसआई के पद पर भरतपुर पुलिस लाइन में तैनात हैं। परिजनों ने बताया कि 14 दिसंबर को अंशु का जन्मदिन मनाने की तैयारियां चल रही थीं। परिवार शॉपिंग करने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। घटना में मृत बच्चे अंशु का 14 दिसंबर को जन्मदिन था, लेकिन उससे पहले ही हादसे में उसकी मौत हो गई। अंशु तीसरी क्लास में पढ़ता था। आरु फर्स्ट क्लास की छात्रा है। दोनों कृष्णा कॉलोनी में ट्यूशन पढ़ने के लिए जाते थे। परिजनों ने बताया अंशु के नौवें जन्मदिन की तैयारियां घर में चल रही थीं। घटनास्थल पर पहुंचे सीओ ग्रामीण कन्हैयालाल मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली और घायल राखी और आरू को अस्पताल पहुंचाया। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार को झकझोंर कर रख दिया है। 11.5 साल पुरानी पिकअप बिना फिटनेस एक साल से दौड़ रही थी , लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की दुर्घटना में शामिल पिकअप का फिटनेस प्रमाणपत्र करीब एक साल पहले ही एक्सपायर हो चुका था। 11 साल 4 महीने पुरानी इस गाड़ी मालिक ने भरतपुर इलेक्ट्रिसिटी सर्विसेज लिमिटेड से बिना फिटनेस और बिना वैध पीयूसी के करार कर रखा था। वाहन का फिटनेस 11 दिसंबर 2024 को समाप्त हो गया था, जबकि पीयूसी भी जुलाई 2024 से अवैध है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि नियम विरुद्ध चल रहे वाहन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और बिना फिटनेस गाड़ी को उपयोग में कैसे लिया गया। “हादसे में शामिल वाहन ठेकेदार के अधीन संचालित होता है। यह वाहन फॉल्ट सुधार कार्य के लिए लगाया गया है और इसकी ड्यूटी शाम 5 बजे तक रहती है। उसके बाद इसका संचालन बंद हो जाता है।” -आकाश सक्सेना, सीओओ, बीईएसएल निर्माणाधीन सड़क पर गिट्टी और तेज रफ्तार का खतरनाक मेल हादसे की वजह नई बनी सड़क को माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि भरतपुर विकास प्राधिकरण द्वारा सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा था और कई दिनों तक सड़क पर गिट्टियां फैली रही। एक तरफ का नया रोड तैयार कर दिया गया, लेकिन उस पर न तो बैरिकेडिंग लगाई गई और न ही कोई संकेत बोर्ड लगाया गया। खुले और चिकने रास्ते पर वाहनों की तेज रफ्तार दौड़ने लगी, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। सुरक्षा इंतजामों की कमी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण ही यह बड़ा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को गहरे शोक और आक्रोश में डाल दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि गुस्साए लोगों ने टक्कर मारने वाली गाड़ी को मौके पर ही फूंक डाला।


