मिर्गी रोग निदान शिविर में 535 रोगियों को मिला इलाज:पुरुषों में ज्यादा होती है ये बीमारी, नियमित दवा से दूर होता है रोग

त्रिवेणी देवी सुरेका चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में मंगलवार को रतननगर में निशुल्क मिर्गी रोग निदान शिविर आयोजित किया गया। ट्रस्ट के एपिलेप्सी केयर एण्ड रिसर्च फाउंडेशन के अंतर्गत 365वां शिविर आयोजित किया गया है। शिविर में 535 रोगियों की जांच कर उन्हें निशुल्क दवाई दी गई। शिविर में मुख्य न्यूरो फिजिशियन डॉ. आरके सुरेका ने बताया कि वर्ष 1994 से लगातार चल रहे मिर्गी रोग शिविरों के माध्यम से अनेक रोगी मिर्गी से मुक्त होकर सामान्य जीवन जी रहे हैं। हाल ही किए गए अनुसंधान के अनुसार पुरुषों में यह बीमारी ज्यादा पाई गई है। जिनमें 60 प्रतिशत रोगी 11 साल से 30 साल तक की उम्र के थे। उन्होंने बताया कि अधिकतर मरीज गांव से आते हैं। जिनमें 50 प्रतिशत मरीजों के एक दवाई ही से दौरे नियंत्रित हो गए। 30 प्रतिशत रोगी दो दवाई से और 18 प्रतिशत रोगी में तीन या उससे अधिक दवाइयों से दौरे नियंत्रित हुए। डॉ. सुरेका ने बताया कि मिर्गी रोग के मुख्य कारण 30 प्रतिशत लोगों में ही मालूम किये जा सकते है। जिनमें मुख्य कारण सिर में चोट लगना, क्रीमी लार्वा, मस्तिष्क संक्रमण, नसों में गुच्छे एवं शराब या नशे की दवाई लेना आदि रहा। शिविर में डॉ. रोहित सुरेका, डॉ. रक्षित सुरेका, डॉ. जयसिंह, डॉ. अभिनव सरीन, डॉ. एफएच गौरी व ताजू खान ने सहयोग दिया।

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