हजारीबाग के पेलावल थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने अचानक छापेमारी की, जिससे इलाके में हलचल तेज हो गई। टीम तीन वाहनों के काफिले के साथ पहुंची और एक घर को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई संदिग्ध आतंकी शाहनवाज आलम से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल को लेकर की जा रही है, जिसकी गिरफ्तारी अक्टूबर 2023 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने की थी। टीम घर के भीतर मौजूद लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है और कई अहम सवाल पूछे जा रहे हैं। सुरक्षा के सख्त इंतजाम, एटीएस भी मौजूद छापेमारी के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बीच NIA के साथ-साथ एटीएस की टीम भी जुटी है। अधिकारियों ने कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है। हालांकि छापेमारी के दौरान टीम घर से एक प्रिंटिंग मशीन बरामद करके अपने साथ ले गई। इससे जांच एजेंसियों को शक है कि वहां किसी प्रकार के दस्तावेज, पोस्टर या आपत्तिजनक सामग्री की प्रिंटिंग की जा रही होगी। इस दौरान घर में मौजूद एक वृद्ध व्यक्ति से भी गहराई से पूछताछ की जा रही है। आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़ी कड़ी तलाश रही एजेंसी शाहनवाज आलम को लेकर अब तक की जांच में कई गंभीर खुलासे हुए हैं। वह हजारीबाग का रहने वाला है।साल 2019 में डकैती व चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। करीब 8-9 महीने जेल में बिताने के बाद दिसंबर 2020 में जमानत पर बाहर आया। इसी दौरान वह कथित तौर पर आईएसआईएस के हैंडलरों के संपर्क में आया। शाहनवाज की गिरफ्तारी पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में हुई थी, जिसमें वह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा था। एजेंसी को शक है कि उसके नेटवर्क की कुछ कड़ियां झारखंड में भी सक्रिय रही हों, जिन्हें पकड़ने के लिए यह छापेमारी अहम मानी जा रही है। हिरासत से फरारी, 3 लाख का इनाम और जंगल में ट्रेनिंग का खुलासा जांच एजेंसियों का मानना है कि शाहनवाज कोई साधारण आरोपी नहीं, बल्कि आईएसआईएस का प्रशिक्षित सदस्य है। पुणे पुलिस की हिरासत से फरार होने के बाद NIA ने उस पर 3 लाख रुपए का इनाम तक घोषित किया था। आरोप है कि वह सफीउज्जमा जैसे कुख्यात आईएसआईएस सदस्यों के संपर्क में था। उसने पुणे के जंगलों में उसने प्रशिक्षण भी लिया था। अब NIA की टीम उसके स्थानीय कनेक्शन, संभावित सहयोगियों और आतंकी गतिविधियों में प्रयुक्त सामग्री की तलाश में पेलावल में जांच कर रही है। कार्रवाई जारी है और एजेंसी के अनुसार आने वाले समय में कई और खुलासे हो सकते हैं।


