रायसेन जिला अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। अस्पताल के प्रसूता और नवजात शिशु वार्ड (SNCU) में कॉकरोच और खटमल रेंगते नजर आए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि ये कीड़े उन बिस्तरों के आसपास रेंगते मिले, जहां प्रसूताएं और नवजात बच्चे भर्ती रहते हैं। यह स्थिति गुरुवार को तब उजागर हुई जब बाल कल्याण समिति की टीम अस्पताल के विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण करने पहुंची। समिति के अध्यक्ष आदित्य चावला, सदस्य ममता पटेल और अमीषा चतुर्वेदी ने कई मरीजों के बेड, चादरें और बेसमेंट क्षेत्र की जांच की। निरीक्षण में स्पष्ट दिखा कि कई बिस्तरों की चादरें गंदी थीं और किनारों पर खटमल मौजूद थे। खाने की मेज और वाटर कूलर भी सुरक्षित नहीं टीम केवल वार्ड ही नहीं, मरीजों के लिए रखे गए खाने की मेजों और वाटर कूलर तक पहुंची। कूलर के नीचे और आसपास भारी संख्या में कॉकरोच मिले। जब वाटर कूलर की टंकी का ढक्कन उठाया गया, तो अंदर भी कीड़े रेंगते दिखाई दिए। यह निरीक्षण तब कराया गया, जब सामाजिक कार्यकर्ता संजू सोनी ने अस्पताल में खटमल और कॉकरोच की समस्या की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की थी। कार्रवाई न होने पर उन्होंने बाल कल्याण समिति से संपर्क किया, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची। सीएमएचओ को भेजी रिपोर्ट
अध्यक्ष आदित्य चावला ने कहा,“यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। अगर कॉकरोच या खटमल नवजात शिशु के आंख, कान या मुंह में चले जाएं तो गंभीर संक्रमण हो सकता है। ऐसी लापरवाही बेहद खतरनाक है।” उन्होंने निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट तैयार करने और सीएमएचओ कार्यालय भेजने की बात कही है। इंदौर की घटना के बाद और बढ़ी चिंता कुछ समय पहले इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों द्वारा नवजातों को काटने की घटना सामने आई थी। ऐसे में रायसेन जिला अस्पताल में मिली यह गंदगी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े करती है। अब उम्मीद इस बात की है कि जांच रिपोर्ट के बाद इस मामले में त्वरित कार्रवाई होगी, ताकि मरीजों—विशेषकर नवजातों—की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वार्ड में बेड से लेकर पीने के पानी के पास कॉकरोच घूमते दिखे, देखें तस्वीरें


