धनबाद के केंदुआडीह थाना क्षेत्र में पिछले नौ दिनों से जारी कार्बन मोनाऑक्साइड गैस रिसाव की घटना की जांच तेज कर दी गई है। गुरुवार को सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) रांची की एक विशेष टीम ने इलाके में पहुंचकर ड्रोन तकनीक से विस्तृत माप शुरू की। इसी बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की केंद्रीय टीम ने भी प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। वहीं, CMPDI टीम का नेतृत्व जियोलॉजी मैनेजर भुवनेश कुमार गुप्ता कर रहे हैं। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि ड्रोन से दो तरह के महत्वपूर्ण डेटा जुटाए जा रहे हैं। अधिक तापमान गैस रिसाव या भू-गतिविधि की संभावना को बढ़ाता है पहला, इलाके के तापमान का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि सामान्य से अधिक तापमान वाले स्थानों की पहचान हो सके। वर्तमान में अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस है। अधिक तापमान गैस रिसाव या भू-गतिविधि की संभावना को बढ़ाता है। दूसरा, ड्रोन आबादी, घरों की संख्या और उनकी स्थिति का डेटा भी इकट्ठा कर रहा है, जिससे संभावित खतरे वाले क्षेत्रों की पहचान में मदद मिलेगी। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि आकलन की सटीकता के लिए यह मेजरमेंट दोबारा भी किया जाएगा। अंतिम रिपोर्ट आने में 15 से 20 दिन का समय लगेगा। बीसीसीएल का निर्देश, रोजाना गैस स्तर की रिपोर्ट रोजाना अपडेट हो गैस रिसाव के नौवें दिन भी इलाके की स्थिति गंभीर बनी हुई है। विशेषज्ञों की टीम रोजाना गैस की मात्रा की जांच कर रही है। बीसीसीएल ने निर्देश दिया है कि जांच रिपोर्ट प्रतिदिन अपडेट की जाए और उसे स्थल पर लगे पोस्टरों पर अंकित किया जाए। कंपनी गैस नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल: लखी सोरेन वहीं, झामुमो के जिला अध्यक्ष लखी सोरेन ने स्थिति को बेहद खराब बताया। उन्होंने कहा कि कई परिवार परेशानी में हैं और गैस के कारण अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। लखी सोरेन ने बीसीसीएल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी कोयला उत्पादन में तो सक्रिय है, लेकिन गैस नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। झामुमो की केंद्रीय टीम ने भी आज प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने आरोप लगाया कि बीसीसीएल मनमानी कर रही है और हालात नियंत्रण में नहीं हैं। उन्होंने बंद माइंस को खोलने और फैन चालू कर गैस को नियंत्रित करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। टीम इस संबंध में एक रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपेगी।


