छतरपुर जिले के बड़ामलहरा नगर के पास 12 नवंबर को नाले में मिली नवजात बच्ची का मामला अभी भी अनसुलझा है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी आरोपी या प्रसव स्थल का सुराग नहीं मिल पाया है। घटना को लेकर बुधवार को मामला और गरमाया, जब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। विहिप-बजरंग दल ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
अस्पताल में अव्यवस्थाओं के गंभीर आरोप लगाते हुए विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर, एसपी और कमिश्नर के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार विशंभर सिंह मरावी को सौंपा। ज्ञापन में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है- संगठन का कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह स्वास्थ्य मानकों का गंभीर उल्लंघन है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। ज्ञापन में नवजात बच्ची के प्रकरण पर भी सवाल उठाए गए। संगठन ने कहा कि पुलिस 100 से अधिक क्लीनिकों और अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाल रही
बड़ामलहरा थाना प्रभारी श्रद्धा शुक्ला ने बताया कि पुलिस मामले में लगातार काम कर रही है। 100 से अधिक निजी क्लीनिकों और सरकारी अस्पतालों के सीसीटीवी फुटेज, डिलीवरी रिकॉर्ड और रजिस्टरों की जांच की जा रही है। कई टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में लगाया गया है। अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जांच की गति बढ़ा दी गई है। संगठन ने त्वरित कार्रवाई की मांग की
ज्ञापन सौंपने वालों में विहिप अध्यक्ष राजकुमार द्विवेदी, जिला मंत्री रामगोपाल यादव, मंत्री रामावतार सिंह और कई कार्यकर्ता शामिल रहे। उन्होंने मांग की कि नवजात बच्ची के मामले की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच हो। अस्पताल की अव्यवस्थाओं की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।


