तिब्बत में भूकंप की 10 तस्वीरें, अबतक 126 की मौत:3 घंटे में 50 झटके आए, 1000 से ज्यादा घर ढहे

तिब्बत में मंगलवार सुबह आए भूकंप में अबतक 126 लोगों की मौत हो गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक इस भूकंप की तीव्रता 7.1 थी। इसका केंद्र तिब्बत के डिंगरी में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। यह भूकंप भारतीय समय के मुताबिक सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर आया था। हादसे के 15 घंटे बीत जाने के बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। चीनी राष्ट्रपति ने भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव कदम उठाने का निर्देश दिए हैं। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक भूकंप में लगभग 1,000 घर क्षतिग्रस्त हो गए। पहला भूकंप आने के बाद 3 घंटे के भीतर 4.4 तीव्रता के करीब 50 भूकंप आए। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र ने कहा कि मंगलवार का भूकंप पिछले पांच साल में 200 किलोमीटर (124 मील) के दायरे में दर्ज किया गया सबसे शक्तिशाली भूकंप था। भूकंप के झटके नेपाल से लेकर भारत और बांग्लादेश तक महसूस किए गए। इससे पहले दिसंबर 2023 में चीन के गांसु प्रांत में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 151 लोगों की जान गई थी। पहले नक्शे से समझिए…. भूकंप का असर फोटो में तबाही देखिए… शी जिनपिंग ने बचाव के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा
ब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने कहा कि वे बहुत दुखी हैं और भूकंप में मारे गए लोगों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक 1500 से ज्यादा बचावकर्मियों को भेजा गया है। इसके साथ ही टेंट, कोट, रजाई, फोल्डिंग बेड समेत 22,000 से ज्यादा सामान भी प्रभावित इलाके में भेजे गए हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हताहतों की संख्या को कम करने और प्रभावित लोगों की सहायता करने के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा है। प्रभावित इलाके में लेवल-3 इमरजेंसी घोषित
रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप के बाद बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए हैं। इन्हें रेस्क्यू किया जा रहा है। चीन की CCTV न्यूज के अनुसार चीन की स्टेट काउंसिल ने भूकंप प्रभावित इलाके में टास्क फोर्स भेजी है और लेवल-3 इमरजेंसी घोषित कर दी है। चीनी वायुसेना भी प्रभावित क्षेत्र में रेस्क्यू में जुटी है। भूकंप की वजह से इलाके का इन्फ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह डैमेज हो गया है, जिससे यहां बिजली और पानी दोनों की सप्लाई बाधित हो गई हैं। भूकंप के मद्देनजर चीन ने माउंट एवरेस्ट के टूरिस्ट क्षेत्रों को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। लेवल-3 की इमरजेंसी तब डिक्लेयर की जाती है जब दुर्घटना इतनी बड़ी हो कि लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और स्टेट की सरकार उससे नहीं निपट सकती। ऐसे हालात में केंद्र सरकार अपनी तरफ से तत्काल मदद भेजती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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