भाजपा सरकार के पहले बजट में शहर में एलिवेटेड, फ्लाईओवर, आरओबी-आरयूबी को लेकर हुई करीब 2200 करोड़ की बम्पर घोषणाओं पर कैंची चली है। सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई रिव्यू बैठक में तय हुआ कि आंबेडकर सर्किल से ओटीएस-जवाहर सर्किल तक 1100 करोड़ की लागत से बनने वाली एलिविटेड रोड फिलहाल रोकी जाए। सरकार की ओर से जारी मिनिट्स के मुताबिक इससे इस मार्ग की विशिष्टता व सौंदर्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। बैठक में सामने आया कि यहां टोक रोड पर मेट्रो प्रस्तावित है। इसलिए एलिवेटेड की जरूरत नहीं है। मेट्रो का प्लान बदलता है तो एलिवेटेड पर पुनर्विचार होगा। इस एलिविटेड का उद्देश्य एयरपोर्ट के लिए फास्ट रूट बनाना था, जो मेट्रो से हो रहा है। इसी तरह 5 अन्य प्रोजेक्ट पर भी फिर से परीक्षण के नाम पर विराम लगा है। जबकि, जेडीए ने इनके लिए करीब 25 करोड़ खर्च कर कंसल्टेंसी रिपोर्ट तैयार कराई थी। तय हुआ है कि इनमें से सीबीआई-इंदूणी फाटक पर 95 करोड़ से करीब 1 किमी रेलवे ओवर ब्रिज और सालीग्रामपुरा फाटक पर 86 करोड़ से करीब 900 मीटर आरओबी का निर्माण होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जल्द ही डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर टेंडर जारी करने को कहा है। इसके अलावा सहकार मार्ग, इमली फाटक पर फ्लाईओवर निर्माण की डिजाइन को भी फिर से परीक्षण कराने के निर्देश हैं। सांगानेर फ्लाई ओवर से चौरड़िया पेट्रोल पंप तक एलिवेटेड (घोषणा 170 करोड़ की)
अब क्या: बैठक में चर्चा हुई कि यहां फागी तक विकास हो रहा है, यहीं पर रेलवे भी अपने अंडरपास को चौड़ा कर रहा है। ऐसे में इस एलिवेटेड को आगे तक लेकर जाना चाहिए। मुहानामंडी, चौरड़िया के आगे ट्रैफिक जाम रहता है तो एलिवेटेड को आगे मालपुरा गेट तक लेकर जाएं। यह अतिरिक्त दूरी करीब 2 किमी तक बढ़ेगी। इससे फागी रोड जाने वालों को सहूलियत हो जाएगी। मौजूदा घोषणाओं में ये करीब सवा 2 किमी का है। रिद्धि-सिद्धि पर फ्लाईओवर निर्माण (घोषणा 72 करोड़ की)
अब क्या: ये अभी 700 मीटर प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के सामने चर्चा हुई कि इसको आगे तक गोपालपुरा आरओबी तक ले जाना चाहिए, ताकि भविष्य के लिहाज से ट्रैफिक की समस्या का समाधान हो। इसके लिए नए तरीके से संभावना देखनी है। बजट घोषणाओं में इन योजनाओं पर अभी यथास्थिति ट्रैफिक जाम से बेहाल इन मार्गों के लिए योजना बनेगी यूडीएच के अन्य प्रस्तावों पर बैठक में ये निर्देश दिए गए
आवासन मंडल के खाली पड़े फ्लैट्स और प्लाट्स की सूची तैयार कर ऑनलाइन किया जाए। नवीन राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी, भूमि आवांटन नीति और मुख्यमंत्री जन आवासीय योजना को जल्द से जल्द अंतिम रूप प्रदान किया जाए। इसके साथ ही जेडीए में संविदाकर्मियों के स्थान पर स्थाई कार्मिकों को लगाने के लिए खाली पदों पर जल्द भर्ती कराई जाए। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 17A एवं विचाराधीन अनुशासनात्मक कार्रवाइयों का निष्तारण समय से किया जाए।


