भास्कर न्यूज| अलवर जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष पद पर अनिल वशिष्ठ निर्वाचित हुए हैं। अनिल ने अपने प्रतिद्धंदी महादेव प्रसाद जांगिड़ को 281 वोटों से हराया। वशिष्ठ को 620 वोट मिले। इसके अलावा अध्यक्ष पद के लिए खड़े अन्य उम्मीदवारों में महादेव प्रसाद जांगिड़ को 339, अभिमन्यु सिंह चौहान को 316 और रवि कुमार शर्मा को 78 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर विक्रम सिंह शेखावत 513 वोटों के साथ विजयी रहे। इन्होंने प्रतिद्धंदी रामलखन सिंह को 173 वोटों से हराया। उपाध्यक्ष पद पर कृष्णगोपाल शर्मा को 46, रामलखन सिंह को 340, विरेंद्र कुमार यादव को 185 और सतीश कुमार शर्मा को 233 वोट मिले। सचिव पद पर पंकज शर्मा 87 वोटों से विजेता रहे। इन्होंने प्रतिद्धंदी संजीव कारगवाल को 87 वोटों से हराया। पंकज को 638 और संजीव कारगवाल को 611 वोट मिले। संयुक्त सचिव पद पर योगेश कुमार यादव 90 वोटों से विजयी रहे। योगेश ने प्रतिद्धंदी जयश्री चौधरी को हराया। जयश्री को 395, बहादुर सिंह को 124, योगेश कुमार यादव को 485 और सुलक्षण सिद्ध को 322 वोट मिले। पुस्तकालय सचिव पद पर सविता कुमारी जोगी 68 वोटों से विजयी रही। जोगी ने बबीता जैन को 68 वोटों से हराया। बबीता जैन को 614 और सविता कुमारी जोगी को 682 वोट मिले। कोषाध्यक्ष पद पर अजय धार ने मुकेश गौड़ को 494 वोटों से हराया। अजय को 915 और मुकेश गौड़ करो 421 वोट मिले। इससे पहले कार्यकारिणी के चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान हुआ। कचहरी परिसर में मतदान के चलते सुबह 8 बजे से ही वकीलों का जमावड़ा शुरू हो गया। इस दौरान कोर्ट परिसर में प्रत्याशी व उनके समर्थक हाथ जोड़कर वोटर्स से अपने पक्ष में वोट की मांग करते नजर आए। वहीं मतदान को लेकर वकीलों में उत्साह दिखाई दिया। जो देर रात तक रहा। चुनाव अधिकारी ने बताया कि 1644 मतदाताओं में से 1371 मतदाताओं अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जबकि 273 मतदाता अपना वोट डालने ही नहीं पहुंचे। वहीं शाम 6 बजे से काउंटिंग शुरू हो गई। जो देर रात तक चली। अनिल वशिष्ठ निर्वाचन अधिकारी वीरेंद्र तायल ने बताया कि कार्यकारिणी सदस्य के 5 पदों पर 10 उम्मीदवार मैदान में थे। जिनमें से कार्यकारिणी सदस्य पद पर अजय कौशिक, मोहित शर्मा, राहुल सैनी, यशपाल शर्मा व होशियार यादव निर्वाचित घोषित किए गए। अध्यक्ष पद पद अनिल वशिष्ठ का यह चौथा कार्यकाल होगा। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में अजय धार कोषध्यक्ष पद पर लगातार 7वीं बार और विक्रम सिंह दूसरी बार उपाध्यक्ष चुने गए हैँ।


