बहुचर्चित मूंग घाेटाला में डेढ़ साल चली जांच के बाद अब मंझोली पुलिस नें पूर्व में दर्ज एफआईआर में 5 और लोंगो के नाम जोड़े हैं। अगस्त 2023 में समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन के दौरान मझौली के सिया राम वेयरहाउस में अमर लता एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी का घोटाला सामने आया जहां पर हजारों क्विंटल मूंग की एक्स्ट्रा फीडिंग कर ली गई थी और बहुत से लोगों के खाते में उसका भुगतान कर दिया गया था। इसके बाद जब जांच हुई तो लगभग 12863 क्विंटल मूंग की गड़बड़ी सामने आई। तत्कालीन कृषि उपसंचालक रवि आम्रवंशी ने समिति प्रबंधक,ऑपरेटर और सर्वेयर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था और अब जांच के बाद इस मामले में 5 लोगों को ओर आरोपी बनाया है। 6 सदस्यों की जांच टीम की गठित मूंग उपार्जन में गड़बड़ी किए जाने के मामले में पुलिस द्वारा की गई की जा रही जांच में सहयोग के लिए कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा 6 सदस्यों का जांच दल गठित किया है जो मूंग घोटाले में चल रही जांच में पुलिस का सहयोग करेगा। 10 अगस्त 2023 में दर्ज हुई थी FIR अमर लता फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ने वर्ष 2023 में मूंग खरीद की थी। मझौली के वेयर हाउस सियाराम में फर्जी किसानों के नाम पर खरीदी होने की बात सामने आई थी। जिसमें लगभग 6 करोड़ 21 लाख रुपए का घोटाला हुआ। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सियाराम वेयर हाउस के तीन लोगों के खिलाफ 10 अगस्त 2023 को मझौली थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। FIR में समिति प्रबंधक घनश्याम पटेल सर्वेयर आकाश और ऑपरेटर दीपक पटेल के नाम शामिल थे। एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मामले की जांच में पाया कि इन तीनों के अलावा अमर लता एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर आदित्य सिंह, दिव्यकांत झरिया, दीपक लोधी, सुरेंद्र झरिया और शैलेंद्र मेहरा भी इस घोटाले में शामिल थे। उनके विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए गए।


