मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अफसर ऐसी कार्ययोजना बनाएं कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाए बगैर बिजली सब्सिडी का भार कम किया जा सके। तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में तेजी लाई जाए और लोगों को इससे होने वाले फायदे की जानकारी दी जाए। सिंचाई के लिए जले एवं खराब ट्रांसफार्मरों को समय सीमा में बदला जाए। सीएम डॉ यादव ने ये बातें ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए सभी बिजली कंपनियों की संगठनात्मक संरचना का प्रस्ताव पेश करें। जल्द ही इसे स्वीकृत किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने संगठनात्मक संरचना स्वीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 30 लाख किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाएं। इसकी समय-सीमा तय होना चाहिए। इससे बिजली सब्सिडी में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराएं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने ट्रांसफार्मर एवं बिजली लाइनों के मेंटेनेंस की कार्य-योजना बनाने और अवैध बस्तियों में रहने वाले लोगों को बिजली कनेक्शन देने की बात कही। 12 लाख 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए बैठक में बताया गया कि आरडीएसएस योजना में 12 लाख 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 6 लाख 70 हजार 644, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 77 हजार 100 और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 5 लाख 9 हजार 338 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। बैठक में अटल गृह ज्योति, अटल किसान ज्योति योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिये गए।


