दंतेवाड़ा जिले के बचेली में युवा बाघदिखा है। वन विभाग ने क्षेत्र में ट्रैप कैमरेलगाए, जिसमें बाघ दिखा है। इसमें बाघमवेशी काे खाता दिख रहा है। अंदेशा हैकि बाघ महाराष्ट्र से छग के अबूझमाड़,नारायणपुर, कोंडागांव होता हुआ करपावंडतक पहुंचा। इस दौरान बाघ ने कुछ जंगलीव पालतू जानवरों का भी शिकार किया। करपावंड के पास ही छोटे जंगल मेंठिकाना बनाया है, जहां गांवों के कुछमवेशियों का शिकार भी किया। वनविभाग को इसकी सूचना मिलते हीजगदलपुर डिविजन के अफसरों नेतत्काल ट्रैप कैमरे लगाए और ग्रामीणों कोमृत मवेशियों का मुआवजा भी दिलवाया। महाराष्ट्र से अबूझमाड़, नारायणपुर, कोंडागांव होता हुआ बस्तर जिले के करपावंड पहुंचा जिले के राजा बंगला इलाके में दो बैलों काे मारा
बाघ करीब 10 दिनों तक करपावंडइलाके में सक्रिय रहा। इस दौरानप्राणी संरक्षण कल्याण समिति औरविभाग के एसडीओ योगेश रात्रे की देखरेख में उसकी गतिविधियों परनजर रखी गई। बाद में बाघकरपावंड इलाके से चला गया औरइसके करीब 15 दिन बाद बचेलीव भांसी क्षेत्र के राजा बंगला इलाकेमें दो बैलों का शिकार किया।बचेली रेंजर आशुतोष मांडवा नेयहां भी ट्रैप कैमरे लगाए, जिससेबाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई। बस्तर से बैलाडीला इलाके तकबाघ की मॉनिटरिंग के लिए वनविभाग के रेंजर आशुतोष मांडवा केसाथ वनरक्षक राजेश कर्मा, नरेशबघेल, समिति के सदस्य अमितमिश्रा, मनोज कुमार शामिल रहे।माना जा रहा है कि बीते करीब 5साल में ये तीसरा बाघ है, जो इसीमार्ग से निकला है। कोटरी के अलार्म कॉल से पुष्टि
वन विभाग की टीम जब ट्रैप कैमरे लगा रही थी, तब कईबार उन्हें बाघ के आस-पास मौजूद होने का अंदेशा हुआ। इसकी पुष्टि कोटरी के अलार्म कॉल से होती रही। वन विभाग ने ट्रैप कैमरे लगाए औरग्रामीणों ने जंगली जानवरों के लिए लगाए फंदों को हटाया, ताकि बाघ को आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित रास्ता मिल सके।


