राज्य में 190 राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों को बंद किया गया है। इनमें 169 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक भी विद्यार्थी नहीं था। इन्हें पास के प्राथमिक-उच्च प्राथमिक स्कूलों में समायोजित किया गया है। इसी तरह एक परिसर में चलने वाले दो स्कूलों को मर्ज किया गया है। 13 जिलों में 21 स्कूल मर्ज हुए हैं। पूर्व सीएम अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर के शून्य नामांकन वाले 20 स्कूलों को बंद किया गया है। इस संबंध में प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने दो अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। समायोजित हुए इन स्कूलों में पहले से कार्यरत शिक्षकों को अब अन्य स्कूलों में रिक्त पदों पर लगाया जाएगा। शून्य नामांकन वाले सर्वाधिक जयपुर जिले के 18 स्कूल बंद हुए हैं। सबसे कम संख्या अजमेर, बारां, झुंझुनूं की रही। इन जिलों के सिर्फ एक-एक स्कूल बंद हुए। -विस्तृत बीकानेर फ्रंट पेज इधर, सरकार ने शून्य नामांकन वाले 169 स्कूल बंद, 21 मर्ज किए गहलोत सरकार की प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा बल के गठन की योजना निरस्त राज्य सरकार ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की तर्ज पर आरआईएसएफ के गठन के गहलोत सरकार की योजना को निरस्त कर दिया है। गहलोत ने बजट 2022-23 में सीआईएसएफ की तर्ज पर भिवाड़ी, बालोतरा एवं चित्तौडगढ़ में आरआईएसएफ स्थापित करने की घोषणा की थी। इसके लिए गहलोत सरकार ने अपने आखिरी साल में 3072 पदों की मंजूरी के साथ संशाधनों के लिए 21 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां जारी कर दी थी। हालांकि, राज्य की भाजपा सरकार ने अब इस बजट घोषणा को निरस्त कर दिया है। 69 वाहन खरीदे जाएंगे, इन पर 13.88 करोड़ रु. खर्च होंगे गृह विभाग के अनुसार तीनों बटालियनों के लिए 69 वाहन खरीदे जाएंगे। जिन पर अनुमानित खर्च करीब 13.88 करोड़ रुपए आएगा। सरकार ने वाहन खरीद की मंजूरी भी जारी कर दी है। इसके तहत प्रत्येक बटालियन में 23 वाहन होंगे। इसमें एक कार, तीन हल्के वाहन, 12 मिनी बस, एक बड़ी बस, एक ट्रक, एक एंबुलेंस, तीन मोटर साइकिल एवं एक वॉटर टैंक शामिल हैं। हथियार पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत उपलब्ध कराए जाएंगे। तीनों में 500-500 कांस्टेबल होंगे, प्रदेश में 21 बटालियन हो जाएंगी पुलिस बल में नौकरी का सपना देख रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। पुलिस भर्ती में आरक्षण की सीमा 30 से बढ़ाकर 33 फीसदी किए जाने के बाद राज्य सरकार ने सीकर में पदमिनी, अलवर में कालीबाई एवं बाड़मेर में अमृता देवी महिला पुलिस बटालियन स्थापित करने की वित्तीय एवं प्रशासनिक मंजूरी जारी कर दी है। गृह विभाग के अनुसार तीनों बटालियनों में 2216 पद स्वीकृत किए गए हैं, इनमें पांच-पांच सौ पद कांस्टेबल के होंगे। राज्य सरकार ने अपने पहले ही बजट में तीन बटालियन की स्थापना करने की घोषणा की थी। पुलिस मुख्यालय अब बटालियन स्थापित करने की दिशा में आगे काम शुरू करेगा। प्रदेश में वर्तमान में 18 बटालियन हैं और अब इन तीन को मिलाकर इनकी संख्या 21 हो जाएगी। गृह विभाग के अनुसार तीनों बटालियनों में एक-एक कमांडेंट होंगे। इसके साथ ही डिप्टी कमांडेंट के एक-एक, सहायक कमांडेंट के दो-दो, कंपनी कमांडर के तीन-तीन, प्लाटून कमांडर एमटी के एक-एक, प्लाटून कमांडर सामान्य के 13-13 पद होंगे। हैड कांस्टेबल के 150-150 पद यानी कुल 450 पद होंगे। वहीं, तीनों में 1500 पद कांस्टेबल के तय किए गए हैं। आर्म्ड श्रेणी में 3 हैड कांस्टेबल एवं तीन ही कांस्टेबल होंगे। बटालियन का अपना बैंड होगा, जिसमें 11-11 कांस्टेबल एवं दो-दो हैड कांस्टबल होंगे। बटालियन में 56 पद पुलिस के अलावा होंगे। इसमें डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी, लेखाधिकारी, चपरासी, कुक, नर्सिंग स्टाफ एवं लिपिक शामिल हैं। महिला बटालियन चार हो जाएंगी: राज्य की पहली महिला बटालियन हाड़ी रानी की स्थापना 2008 में की गई थी, इसका मुख्यालय अजमेर में है। इन तीन और बटालियनों के गठन से इनकी संख्या चार हो जाएगी। प्रदेश में कुल 18 में आरएसी की 14 बटालियन हैं। इनके अलावा, मेवाड़ भील कोर की खैरवाड़ा एवं बांसवाड़ा, हाड़ी रानी बटालियन अजमेर, महाराणा प्रताप बटालियन शामिल हैं। प्रताप बटालियन का मुख्यालय प्रतापगढ़ है।


