भाजपा मंडल अध्यक्षों का चुनाव कहां दिसंबर माह में ही होना था, लेकिन अभी तक भाजपा आपसी सहमति नहीं बना पाई है। प्रदेश के अन्य कई जिलों में मंडल अध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है और भरतपुर जिले के 38 मंडलों के अध्यक्षों की घोषणा भी मंगलवार को होना तय था। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां भी की गई थीं, जिले के संगठनात्मक चुनाव प्रभारी शंकर सिंह राजपुरोहित पूर्व एमएलए भी जालौर से भरतपुर आए थे। मीडिया व कार्यकर्ताओं को भी सूचना थी कि मंगलवार को मंडल अध्यक्षों की घोषणा होगी और पूरे दिन भाजपा कार्यालय पर गहमा-गहमी बनी रही। संभावित मंडल अध्यक्षों से फार्म भरवाए गए और शाम 4 बजे मीडिया को बुला लिया गया। परंतु 15 मिनट पहले ही हाईकमान से आए एक फोन पर घोषणा होते-होते रुक गई। जिला चुनाव प्रभारी शंकरलाल राजपुरोहित आकर भी लौट गए, जिन्हें जयपुर बुलाया गया है। जयपुर में 8 जनवरी को प्रदेश स्तर पर चर्चा होगी । ऐसी स्थिति में प्रेस वार्ता को चुनाव प्रभारी की जगह सह प्रभारी भानु प्रताप राजावत ने संबोधित किया। जिला चुनाव प्रभारी आकर भी लौटे और अब जयपुर में आज होगा फिर मंथन उन्होंने मंडल अध्यक्ष के चुनाव की डैड लाइन के बारे में पूछे गए एक सवाल के बारे में कहा कि 9 जनवरी तक सभी मंडल अध्यक्ष घोषित कर दिए जाएंगे। उसके बाद जिलाध्यक्ष की प्रक्रिया पूरी होगी। इस मौके पर जिला प्रभारी गोवर्धन सिंह जादौंन, पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र जैन, प्रवक्ता अशोक सिंघल सहित जिले के विभिन्न मंडलों से आए कार्यकर्ता भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मंडल अध्यक्षों की चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मंगलवार को 20 मंडलों के ही आवेदन आए हैं और बाकी 18 मंडलों के आवेदन आने के बाद एक साथ अध्यक्षों की घोषणा की जाएगी। जिला संगठनात्मक चुनाव के सह प्रभारी भानु प्रताप राजावत ने कहा कि संगठन के चुनाव नहीं होते आम सहमति व सर्वसम्मति से ही मंडल अध्यक्ष का चुनाव होता है। इसके आवेदन शुरू हो गए हैं, जिसके 38 में से 20 मंडलों के आवेदन आए हैं। बाकी 18 मंडलों के लिए आवेदन कोई नहीं आया है, उनके आवेदन आने के बाद ही एक साथ सभी मंडल अध्यक्षों की घोषणा होगी। राजपुरोहित ने कहा- जयपुर में चर्चा के बाद अध्यक्षों की घोषणा होगी “भरतपुर आया था, लेकिन प्रदेश से मिले निर्देश पर वापस जयपुर जाकर बुधवार सुबह बैठक में एक बार चर्चा होगी। जयपुर में सुबह चर्चा के बाद जब भी पार्टी वाले कहेंगे तब वापस भरतपुर आकर सभी 38 मंडलों के अध्यक्षों की एक साथ खुद घोषणा करूंगा। अभी 20 मंडल ही हुए हैं और 18 बाकी हैं। वैसे एमपी, एमएलए सभी से बातचीत हो गई है, कहीं कोई विवाद की जीरो परसेंट बात नहीं है।”
-शंकर सिंह राजपुरोहित,जिला संगठनात्मक चुनाव प्रभारी


