शहर में मंगलवार को नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसलिंग (एनबीटीसी) की राष्ट्रीय बैठक हुई। इसमें देशभर के 34 राज्यों के डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर्स शामिल हुए। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए रणनीति बनाने, बजट और मानव संसाधनों की जरूरतों पर बात की गई। सभी ने बजट प्रस्तुत किया।
दिल्ली से आई टीम ने शाम को एमवाय अस्पताल की ब्लड बैंक का मुआयना किया। इस दौरान दिल्ली में ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग के जनरल डायरेक्टर कृष्ण कुमार ने कहा कि एमवायएच के ब्लड बैंक को देखकर मुझे गर्व हुआ। यहां के लोग स्वच्छता के साथ दिल भी बड़ा रखते हैं और हमेशा ब्लड डोनेट करने के लिए आतुर रहते हैं। मुझे पता लगा कि यहां ब्लड की कमी नहीं होती है। मेडिकल कॉलेज और ब्लड बैंक की टीम बहुत अच्छा काम कर रही है। हर राज्य में स्टेट ऑफ आर्ट कैपिटल ब्लड बैंक बनाया जाएगा चर्चा में बताया कि सरकार राष्ट्रीय स्तर पर योजना ला रही है। हर राज्य में एक कैपिटल ब्लड बैंक होगा। हर राज्य में एक स्टेट ऑफ आर्ट ब्लड बैंक बनाने जा रहे हैं। इसके लिए एमवाय अस्पताल का ब्लड बैंक बेहतर विकल्प है। इस बैठक का उद्देश्य यह है कि वित्तीय वर्ष 31 मार्च को पूरा हो जाएगा। इसलिए अगले वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों पर चर्चा करने के लिए यह दो दिवसीय बैठक रखी गई है। अगले साल के लिए बजट आवंटन उसी हिसाब से होगा। पहले एक व्यक्ति का ब्लड एक व्यक्ति को ही चढ़ता था, लेकिन अब कंपोनेंट में बदलकर दो से तीन मरीजों को दे रहे हैं। पुरुष एक साल में चार बार और महिला एक साल में तीन बार ब्लड डोनेशन कर सकता है। एमवाय में 40 से 50 हजार यूनिट रक्तदान सालाना होता
एमवाय अस्पताल के ब्लड बैंक के डायरेक्टर और एमवायएच अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि हर राज्य से ब्लड बैंक के डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर इसमें शामिल हुए हैं। कैपिटल ब्लड बैंक बनाएंगे। हमारे यहां सालभर में 40 से 50 हजार यूनिट ब्लड कलेक्शन होता है। इससे हम 70 हजार से ज्यादा मरीजों को फायदा पहुंचा पाते हैं। एमपी स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी में डायरेक्टर मोनल सिंह ने बताया कि हर साल यह बैठक अलग-अलग प्रदेशों में आयोजित की जाती है। इस बार मप्र को यह मौका मिला है।


