बिलासपुर | पेंड्रा-रतनपुर के बीच केंदा के पास दीप ट्रैवल्स की बस पलट गई थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और चार लोग घायल हुए थे। घटना के बाद बस में आग लगा दी गई। बस मालिक ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई और ग्रामीणों पर आग लगाने का आरोप लगाया। पुलिस को प्रारंभ में इंश्योरेंस क्लेम हासिल करने के उद्देश्य से बस मालिक पर ही शक था, लेकिन जब खलासी का वीडियो सामने आया, तो खलासी ही आरोपी निकला। दरअसल बस के खलासी का रुपए को लेकर मालिक से विवाद हुआ था। अपने मालिक से बदला लेने खलासी ने साथियों को कंबल लेने भेजा और बस में आग लगा दी। इसके बाद आरोप मृतक के परिजन पर मढ़ दिया गया। पुलिस की जांच में पता चला कि मृतक के परिजन और ग्रामीण घटना के दिन रतनपुर सीएचसी में मौजूद थे। जांच में बस की वैल्यू सिर्फ ढाई लाख रुपए पाई गई। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और खलासी शिवा उर्फ शेर प्रताप सिंह का एक वीडियो पाया, जिसमें वह बस में आग लगाने के बाद रेत में लोटते हुए राहगीरों से वीडियो बनाने की बात कह रहा था। उसकी आवाज वीडियो में स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हो गई। इसके बाद पुलिस ने खलासी शिवा उर्फ शेर प्रताप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया।


