पिता का बदला लेने आंदपाल-गैंग में शामिल हुआ सुभाष गिरफ्तार:कोर्ट में सरेंडर किया, ठेहट मर्डर और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी सामने आया था नाम

आनंदपाल गैंग के सरगना और गैंगस्टर बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष बानूड़ा को सीकर की सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। सुभाष ने राजू ठेहट गैंग के मनोज ओला पर पिछले महीने हुई फायरिंग के मामले में कोर्ट में सरेंडर किया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे 2018 के आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। सीकर एसपी प्रवीण नायक ने बताया कि सुभाष बानूड़ा को सदर थाने में आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, सीकर की सदर थाना पुलिस ने 18 मार्च 2018 की रात को 2 बजे नाकाबंदी के दौरान बाइक सवार नरेश कुमार और चंद्रभान को गिरफ्तार किया था। दोनों की जेब से एक-एक पिस्टल मिली थी। उनके पास जो बैग था, उसमें से पांच पिस्टल और कई मैगजीन मिली थी। दोनों को गिरफ्तार किया गया। दोनों से पूछताछ के बाद मामले में मनोज कुमार बुरड़क की भी गिरफ्तारी हुई थी। आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल ने सुभाष बानूड़ा को हथियार भेजे थे इस मामले में आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल को भी आरोपी बनाया गया था। क्योंकि सुभाष बराल ने ही सुभाष बानूड़ा को हथियार देने के लिए भेजे थे। पुलिस ने मामले में कोर्ट में तीन आरोपी चंद्रभान, नरेश और सुभाष बराल के खिलाफ चालान पेश किया था। इस मामले में सुभाष बानूड़ा आज तक फरार था। हालांकि इस मामले में कोर्ट ने 4 नवंबर 2025 को फैसला सुनाते हुए नरेश और मनोज को बरी कर दिया था। वहीं, की चंद्रभान की 2023 में ही मौत हो चुकी है। पुलिस ने इस मामले में सुभाष बानूड़ा को सीआरपीसी की धारा 173 (8) के तहत मुजरिम माना था। क्योंकि गिरफ्तार हुए आरोपियों ने बताया था कि यह हथियार बराल ने उन्हें सुभाष बानूड़ा को देने के लिए कहा था। इसी मामले में सदर पुलिस ने बानूड़ा को गिरफ्तार किया है। राजू ठेहट गैंग के मनोज ओला पर फायरिंग की थी साल 18 मार्च 2018 में हथियारों का जखीरा मिलने के बाद ही सुभाष बानूड़ा ने अपने साथी रामनिवास, संदीप सैनी, नटवरलाल, चचेरे भाई पवन और सीताराम सेवदा के साथ मिलकर 9 अगस्त 2018 को दुकान पर बैठे हुए राजू ठेहट गैंग के मनोज ओला पर फायरिंग की थी। इसमें उसे छह गोलियां लगी थीं। मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके कोर्ट में चालान पेश कर दिया। लेकिन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 20 अगस्त 2025 को सुभाष बानूड़ा और 31 अक्टूबर 2025 को सीताराम सेवदा को फरार घोषित कर दिया गया था। क्योंकि दोनों ही केस की तारीखों पर नहीं पहुंच रहे थे। नवंबर में सरेंडर किया नवंबर 2025 में 18 से 20 तारीख के बीच मनोज ओला पर फायरिंग करने के मामले में सुभाष बानूड़ा ने सीकर की एससी एसटी कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। सुभाष बानूड़ा का ठेहट मर्डर और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी नाम सामने आया था। हालांकि दोनों ही मामलों में उससे पूछताछ हुई। लेकिन उसके खिलाफ कोई भी सबूत पुलिस को नहीं मिला। इसलिए उसे आरोपी नहीं माना गया। जमानत के बाद ज्यादातर सुभाष अपने गांव बानूड़ा और जयपुर में रहा था। 16 दिसंबर को कोर्ट की तारीख सुभाष बानूड़ा के एडवोकेट रघुनाथराम सुला ने बताया कि मनोज वाला पर फायरिंग के मामले में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जब सुभाष कोर्ट की तारीख पर नहीं आया तो उसे कोर्ट ने फरार मान लिया था। इसके बाद सुभाष ने कोर्ट में सरेंडर किया। अब मामले में 16 दिसंबर को कोर्ट की तारीख है। बता दें कि ठेहट मर्डर मामले में सुभाष बानूड़ा पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया था। लेकिन जांच में उसके आरोपी नहीं होने पर इसका इनाम भी निरस्त कर दिया गया था। पिता की मौत का बदला लेने गैंग में शामिल हुआ पिता की मौत का बदला लेने के लिए सुभाष ने आनंदपाल गैंग जॉइन की। 13 मार्च 2015 को वह अपने पिता बलबीर के साथियों के साथ एक फार्म हाउस पर बैठा था। जब पुलिस ने वहां पर दबिश दी। तब सुभाष वहां से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस को मौके से कई हथियार भी मिले थे। ऐसे में पुलिस ने उसे आर्म्स एक्ट के मामले में मुजरिम माना। पहले भी कर चुका सरेंडर 24 जून 2017 में को आनंदपाल की मौत होने के बाद सुभाष ने अपने पिता के ही दोस्त सुभाष बराल के लिए काम करना शुरू कर दिया था। इसके बाद सुभाष पर फायरिंग और मारपीट के कई मामले दर्ज हुए। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन करीब डेढ़ साल बाद सुभाष ने SOG ऑफिस पहुंचकर आईजी दिनेश एमएन के सामने सरेंडर कर दिया था।

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