प्रभारी मंत्री ने प्रभारी सचिव से कहा:वित्तीय स्वीकृति क्यों नहीं मिली- जवाब में प्रभारी सचिव बोले- केंद्र से पैसा आएगा तो मिल जाएगा

प्रभारी मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर बीकानेर में विकास कार्यों की सूची जब शुक्रवार काे सर्किट हाउस में गिना रहे थे ताे बाेले, सड़काें के लिए खूब पैसा मिला है। पीडब्ल्यूडी विभाग से है काेई। अधीक्षण अभियंता अाए। मंत्री बाेले, आठ-आठ कराेड़ जाे मिले उसका काम शुरू कर दिया क्या। जवाब में अधिकारी बाेले… साहब अभी तक वित्तीय स्वीकृति ही नहीं हुई। मंत्री बगलें झांकने लगे। प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल की ओर देखा। सचिव बाेले, केन्द्र से पैसा आएगा ताे मिल जाएगा। सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रभारी मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर बीकानेर में विकास कार्यों को गिनाने के लिए मीडिया से मुखातिब थे। संभागीय आयुक्त, कलेक्टर से पूछ-पूछकर ताे मंत्री को उपलब्धियां गिनानी पड़ रही थी। बीकानेर विकास प्राधिकरण का जाे प्रस्ताव कैबिनेट में पारित हुअा। उसकी डिटेल मंत्री अधिकारियाें से पूछ रहे थे कि उसमें क्या हुआ। बीकानेर के विकास के हालात ये हैं कि जाे सीएम ने एक विधायक की मांग पर 8 कराेड़ की घाेषणा की वही पूरी नहीं हुई। फिर प्रभारी सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि कैबिनेट में पारित हुआ था लेकिन एक विधायक के कुछ आब्जेक्शन के कारण वापस कैबिनेट में जाएगा। सूरसागर का मुद्दा उठा ताे भी मंत्री अधिकारियाें से बाेले, उसे ठीक करें। जब मैं मंत्री का था ताे उसे ठीक कराया गया था। मंत्री ने 100 कराेड़ से ड्रेनेज सिस्टम, अस्पतालाें का अपग्रेडेशन समेत तमाम मुद्दे गिनाए कि सरकार ने जाे बजट में घाेषणाएं की है उन पर काम शुरू हाे गया। धीरे-धीरे वे सभी गति पकड़ेंगी। मीडिया ने जब आयुर्वेद काॅलेज की जमीन के मामले में पूछा ताे बाेले मैं आयुर्वेद मंत्री नहीं हूं मगर वे ये भूल गए कि वे प्रभारी मंत्री हैं। बीकानेर में पिछली सरकार ने आयुर्वेद काॅलेज का ऐलान किया था जिसके लिए अब तक जमीन आवंटित नहीं हुई जबकि दूसरी जगह काॅलेज की बिल्डिंग पूरी हाेने काे हैं। श्रीडूंगरगढ़ में पिछली सरकार में ट्रॉमा सेंटर का ऐलान हुआ था। वहां लोग इसके लिए धरने पर बैठे हैं पर मंत्री बोले, बजट में इसकी घोषणा नहीं हुई। तब मीडिया ने भी चुटकी ली कि पिछली सरकार के काम आपकी प्राथमिकताओं में नहीं हैं। इसीलिए केईएम रोड पर आरओबी-आरयूबी का मामला भी पेंडिंग है। मंत्री का बेतुका बयान, न बच्चे काे देखा न चूहे काे… स्टेट कैंसर इंस्टीटयूट में एक बच्चे काे चूहाें के कुतरने वाले मामले में जब शुक्रवार काे सर्किट हाउस में चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर से जवाब मांगा ताे बाेले, मैने ना बच्चे काे देखा ना चूहे काे। जांच करा रहा हूं। अगर किसी की गलती हाेगी ताे कार्रवाई हाेगी। मंत्री का जवाब सुन वहां खड़े संवेदनशील लाेग हैरान रह गए। दो विधायक, एक अध्यक्ष पहुंचे, एक नेता बोले
प्रभारी मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की मौजूदगी में विधायक अंशुमानसिंह भाटी और सिद्धि कुमारी पहुंचीं। शहर अध्यक्ष विजय आचार्य भी पहुंचे। सूत्र बताते हैं कि एक नेता को मंत्री की प्रेस कांफ्रेंस के लिए बुलाया गया तो उन नेता ने जवाब दिया कि मंत्री ठीक से नमस्कार तक का तो जवाब देते नहीं। वहां आकर क्या करूंगा। प्रेस कांफ्रेंस में संभागीय आयुक्त वंदना सिंघवी, आईजी ओमप्रकाश, कलेक्टर नम्रता वृष्णि, एसपी कावेन्द्र सागर समेत तमाम अधिकारी मौजूद थे।

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