अलवर नगर निगम के राजस्व अधिकारी युवराज मीणा को जयपुर में विधानसभा के गेट के बाहर से मंगलवार रात करीब सवा 8 बजे 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप कर लिया। रेवेन्यू ऑफिसर अपने साथ पैसे लेने के लिए प्राइवेट व्यक्ति लेकर पहुंचा था। उसे विधानसभा के गेट पर उतारा। जिसने रकम ली। लेकिन एसीबी ने घुमाव पर रेवेन्यू ऑफिसर को भी अरेस्ट कर लिया। यह रिश्वत अलवर में यूडी टैक्स का टैंडर ले चुकी कंपनी से उसके कामकाज को आगे बढ़ाने के एवज में मांगी थी। ACB के ASP अभिषेक पारीक ने बताया कि अक्टूबर नवंबर माह में ही अलवर में यूडी टैक्स वसूलने वाली कंपनी ने टेंडर लिया था। इस कंपनी से नगर निगम के आरओ युवराज मीणा ने रिश्वत मांगी। कंपनी के कामकाज की फाइल को आगे नहीं बढ़ा रहा था। इसके एवज में 3 लाख रुपए मांगे थे। कंपनी के प्रतिनिधि ने जयपुर में विधानसभा के गेट के पास 3 लाख रुपए दिए। युवराज मीणा अपनी कार से प्राइवेट आदमी को लेकर आया। जिसने गेट पर रिश्वित ली। लेकिन एसीबी ने वहीं घुमाव पर युवराज मीणा को भी अरेस्ट कर लिया। रात को अलवर का ऑफिस खंगाला एसीबी के अफसरों ने बताया कि युवराज मीणा जयपुर के आमेर में रहता है। रात को उसके घर पर भी देर रात सर्च चला है। अलवर नगर निगम के कार्यालय में फाइलों को देखा गया है। प्रॉपर्टी के दस्तावेज वगैरह खंगाले गए हैं। अभी सब कंपाइल होने के बाद प्रॉपर्टी दस्तावेजों के बारे में बताया जा सकेगा। असल में रात 4 बजे तक प्रक्रिया चली है। अलवर में हॉर्डिंग के विज्ञापन तक रोके हुए अलवर में नगर निगम के हॉर्डिंग का टैंडर अटका हुआ है। कई बार हॉडिंग का टेंडर जारी नहीं होने के पीछे मिलीभगत की शिकायतें पहुंची है। केवल टेंडर नहीं होने से निगम को हर साल कई करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। अफसर इस मसले पर जांच करेंगे तो रिश्वत की परतें सामने आ सकती हैं।


