राजगढ़ कोर्ट ने पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी करने के आरोपी को शुक्रवार को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जितेंद्र कुमार शर्मा ने सरेडी निवासी रामसहाय (परिवर्तित नाम) को धारा 494 के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने 2 वर्ष की कैद के साथ 1000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को एक माह अतिरिक्त जेल काटनी होगी। फरियादिया ने बताया कि उसकी शादी 2012 में हुई थी और उनकी एक छह साल की बेटी भी है। शादी के बाद आरोपी ने उससे 2 लाख रुपए और एक वाहन की मांग की, जिसके बाद वह अपने मायके रहने लगी। इसी दौरान उसे जानकारी मिली कि उसके पति ने उसे तलाक दिए बिना दूसरी महिला से विवाह कर लिया है। वोटर लिस्ट निकलवाई तो सच सामने आया
दूसरी शादी का खुलासा तब हुआ जब फरियादिया ने ससुराल की वोटर लिस्ट निकलवाई, जिसमें आरोपी की दूसरी पत्नी का नाम दर्ज मिला। जांच के दौरान, आरोपी और दूसरी महिला की संतान का जन्म प्रमाण पत्र भी कोर्ट में पेश किया गया। इन पुख्ता सबूतों से यह साबित हो गया कि आरोपी ने वैध विवाह के बावजूद दूसरी शादी की थी। जान से मारने की धमकी दी थी
4 फरवरी 2020 को कोर्ट परिसर के बाहर जब पत्नी ने आरोपी से इस बारे में पूछा, तो उसने कथित तौर पर अश्लील गालियां दीं और धमकी दी कि यदि उसने रिपोर्ट की तो वह उसे जान से मार देगा। इसके बाद थाना राजगढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 294, 494 और 506 के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में शासन पक्ष की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सोनिया शर्मा ने पैरवी की। जिला लोक अभियोजन अधिकारी (डीपीओ) आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि ऐसे मामलों में सजा मिलना दुर्लभ होता है, लेकिन वोटर लिस्ट और जन्म प्रमाण पत्र जैसे मजबूत दस्तावेजों ने दूसरा विवाह साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी आधार पर न्यायालय ने दंड दिया है।


