हनुमानगढ़ में सड़क सुरक्षा पखवाड़े के दूसरे दिन शुक्रवार को एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम परिवहन विभाग और भटनेर सड़क सुरक्षा समिति ने जंक्शन स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में आयोजित किया। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही यातायात नियमों के प्रति सजगता बढ़ाना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के मूलभूत नियम सरल भाषा में समझाए गए। आयोजक टीम ने बच्चों को रोड सेफ्टी पंपलेट, पुस्तकें और अन्य जागरूकता सामग्री वितरित की। ‘नो हेलमेट नो एंट्री’ और ‘नो सीट बेल्ट नो एंट्री’ जैसे महत्वपूर्ण संदेशों पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है, इसलिए हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग जीवन रक्षा के लिए अनिवार्य है। स्कूल परिसर में लगाए गए आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से बच्चों को यातायात संकेत, सड़क पार करने के नियम, तेज गति से वाहन चलाने के खतरे और मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले जोखिमों के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों ने इन पोस्टरों में प्रदर्शित जानकारी में गहरी रुचि दिखाई और कई प्रश्न भी पूछे। परिवहन निरीक्षक रतनलाल मीना ने इस अवसर पर कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए बच्चों में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बच्चे न केवल स्वयं नियमों का पालन करते हैं, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों को भी प्रेरित करते हैं। भटनेर सड़क सुरक्षा समिति के प्रतिनिधि प्रवीण शर्मा ने जोर देकर कहा कि सड़क सुरक्षा को हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। इस कार्यक्रम में स्कूल निदेशक अजय गर्ग, कोषाध्यक्ष राधेश्याम लखोटिया, प्रिंसिपल हरप्रीत सिंह और जसविंद्र सोढ़ी ने भी बच्चों को यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।


