पांडेय गिरोह गैंगवार की कहानी आई सामने:हजारीबाग जेल से रची गई साजिश, विकास तिवारी मास्टरमाइंड, पतरातू की निशि पांडेय और निशांत सिंह अरेस्ट

पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र के गरदा गांव में रविवार की मारे गए भरत सिंह उर्फ भरत पांडेय और दीपक साव उर्फ ढुल्ला की हत्या के पीछे का मास्टर माइंड हजारीबाग जेल में बंद विकास तिवारी है। विकास तिवारी भोला पांडेय-किशोर पांडेय गिरोह से ताल्लुक रखने वाला है। फिलहाल यह गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव की हत्या के जुर्म में हजारीबाग जेल में आजीवन सजा काट रहा है। इसने ही दोनों के बढ़ते वर्चस्व को देखते हुए गुर्गे भेज हत्या करा दी। विकास पांडेय को भोला पांडेय गिरोह का सरगना भी माना जाता है। वह भोला पांडे का भांजा है। पहले भोला पांडे और फिर किशोर पांडे की हत्या के बाद गिरोह का संचालन विकास तिवारी ही कर रहा था। विकास तिवारी रामगढ़ के पतरातू का रहने वाला है। इस गैंगवार की जांच करते हुए पलामू पुलिस की एसआईटी ने रामगढ़ पुलिस के सहयोग से बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने पतरातू के स्टीम कॉलोनी स्थित आवास से गैंगस्टर किशोर पांडेय की पत्नी निशि पांडेय और उसके भाई निशांत सिंह को गिरफ्तार किया है। गैंगस्टर किशोर पांडेय की पत्नी निशि पांडेय वर्तमान में कोयला यूनियन जनता मजदूर संघ की केंद्रीय उपाध्यक्ष भी है। आज दोनों को पलामू ले जाया जा सकता है। भरत-दीपक के बढ़ते वर्चस्व से गिरोह को परेशानी इस हत्याकांड के पीछे की जो कहानी सामने आई है, उसके मुताबिक पांडेय गिरोह भरत सिंह उर्फ भरत पांडेय और दीपक साव उर्फ ढुल्ला के बढ़ते वर्चस्व से परेशान हो रहा था। दोनों पतरातू के जयनगर के रहने वाले हैं। ये दोनों पहले पांडेय गिरोह के लिए काम करते थे। बाद में गिरोह से नाता तोड़ कर अपना अलग गैंग बना रहे थे। इसी से परेशान हो कर पांडेय गिरोह के विकास तिवारी ने दोनों की हत्या करवा दी। इस मामले में भरत सिंह उर्फ भरत पांडेय‎ के पिता प्रदीप पांडेय ने 11 लोगों पर नामजद एफआईआर कराया है। एफआईआर में भरत पांडेय के पिता ने बताया है कि भरत 8 महीने पहले जेल से बाहर निकाला था। हजारीबाग जेल में बंद विकास तिवारी के इशारे पर लगातार धमकी दी जा रही थी। इसी एफआईआर पर कार्रवाई करते हुए पलामू पुलिस ने सदर एसडीपीओ मणि भूषण प्रसाद के नेतृत्व में एसआईटी बनाई और निशि पांडेय और निशांत सिंह को अरेस्ट किया है। पुलिस की हिरासत में मौसेरा भाई भरत पांडेय के मौसेरे भाई संयोग सिंह को पुलिस ने घटना के बाद हिरासत में ले लिया है। संयोग के बेटे का जन्मदिन मनाने भरत यहां आया था। भरत का गाड़ी संयोग ही चलाता था। पुलिस संयोग से पूछताछ में लगी है। संयोग के साथ ही मारे गए अपराधियों के फोन को खंगाला जा रहा है। रविवार की रात वारदात वाले इलाके में एक्टिव मोबाइल फोन की जानकारी जुटाई जा रही है। इस गोलीबारी के दौरान भरत पांडेय को अपराधियों ने 13 गोलियां मारी गई है। वहीं दीपक साव को 4 गोली लगी है। आज दोनों का रिम्स में पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। भरत के कई गिरोहों के साथ थी वर्चस्व की लड़ाई भरत और दीपक की कोयलांचल में कई आपराधिक‎ गिरोह के साथ वर्चस्व की लड़ाई थी। भरत के चाचा अशोक पांडेय, भोला पांडेय गिरोह का सदस्य हुआ करते थे। 2021 में‎ अशोक पांडेय की हत्या हुई थी। चाचा की हत्या का बदला लेने के लिए भरत ने अशोक बक्शी की हत्या कर दी थी। इस‎ घटना के बाद भोला पांडेय के गिरोह से भरत पांडेय अलग हो गया था और खुद एक नया गिरोह खड़ा किया था। भरत ‎जुलाई 2024 को जेल से बाहर निकला था। जेल से निकलने के बाद कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था।‎ शूटरों को भरत और दीपक के बारे में थी सटीक सूचना‎ पलामू के चैनपुर में कोयलांचल के गिरोह के सुप्रीमो भरत पांडेय और उसके राइट‎हैंड दीपक साव की गोली मारकर हत्या हुई है। दोनों पिछले 31 दिसंबर से गरदा‎गांव में पनाह लिए हुए थे। गरदा में भरत पांडेय के मौसा का घर है। भरत के‎मौसा के घर में ही दोनों की हत्या हुई है। भरत पांडेय और दीपक के बारे में‎ अपराधियों को सटीक सूचना थी। जिस कमरे में दोनों सोए हुए थे, उसी कमरे में‎ अपराधी सीधे पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। भरत और दीपक को गोली‎मारने के बाद अपराधी पैदल भाग गए। घटनास्थल मेन रोड से करीब 300 मीटर‎की दूरी पर है। अपराधियों ने रोड पर ही गाड़ी को खड़ा किया था और घटना को‎ अंजाम देने के बाद रोड तक अपराधी पैदल भागे हैं।‎ घायल अंशु ने कहा… 7-8 की संख्या में आए थे अपराधी जख्मी अंशु सिंह ने बताया कि रात करीब 12 बजे छत से उतर कर अंदर से दरवाजा खोलते ही एक अपराधी ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग सुनकर जैसे ही बाहर निकले तो मेरे पैर में गोली मार दी। वहीं, बबलू ने बताया कि गोली की आवाज सुन बाहर निकला, तो अपराधियों ने गोली चला दी। गोली हाथ में लगी है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से लगभग आधा किलोमीटर दूर मुख्य सड़क पर दो चार पहिया वाहन लगाकर 7 से 8 की संख्या में अपराधी पहुंचे और घर के दोनों तरफ से घेर लिया। इसके बाद छत के रास्ते घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाते हुए फरार हो गए।
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पलामू में 2 लोगों की हत्या, 2 जख्मी:आधी रात घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की; मरनेवाले पांडेय गिरोह के गुर्गे, मौके से 25 खोखे मिले रविवार की आधी रात पलामू जिले के चैनपुर थाना को गरदा गांव गोलियों से थर्रा उठा। गांव के एक घर में अपराधी घुसे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की पहचान भरत पांडेय और दीपक साव के रूप में हुई है। दोनों मोस्ट वांटेड अपराधी थे। इनका संबंध पतरातू के भोला पांडेय गिरोह से रहा है। वहीं गोलीबारी में वहीं गरदा गांव के रहने वाले स्व अमरेश सिंह का बेटा अंशु सिंह (19) और औरंगाबाद के पोला गांव का रहने वाला महावीर सिंह (38) गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को आनन-फानन में एमएमसीएच में रात एक बजे भर्ती कराया गया है। अंशु को दोनों पैर और महावीर को हाथ में गोली लगी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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