पहाड़ी मंदिर की निकटवर्ती श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) मंदिर में 9 जनवरी से ही बैकुंठ द्वार का दर्शन सुलभ हो जाएगा। मुख्य रूप से 10 जनवरी शुक्रवार को वैकुण्ठ एकादशी व्रत का मान है। इसी बैकुंठ एकादशी के अवसर पर चार दिनी श्रीविष्णु सहस्त्रनाम अर्चना अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। श्रीविष्णु सहस्त्रनाम अर्चना 9 जनवरी से 12 जनवरी तक होगा। यह सहस्त्रनाम सब अपराधों का शमन करने वाला और परमभक्ति की वृद्धि करने वाला है। यह अक्षय ब्रह्मलोक तथा समस्त इच्छाओं की प्राप्ति का एकमात्र साधन है। यह सर्वदुःखों का विनाश करने वाला तथा विष्णु लोक का एक सोपान है। यह समस्त सुखों को प्रदान करने वाला, सत्य और परम निर्वाणदायक है। काम, क्रोध तथा सभी मन की वासनाओं को शुद्ध करने वाला है।


