निर्णय नहीं बदलने पर मांगी इच्छा मृत्यु:कृषि की जगह सरकारी जमीन पर बनाएं प्रस्तावित रिंग रोड

बेरखेरी गुरु के किसानों ने रिंग रोड के लिए जमीन नहीं लिए जाने का आग्रह प्रशासन से किया है बताया है कि उनके पास पहले से ही जमीन कम है सड़क के चौड़ीकरण और फायरिंग रेंज के लिए पहले ही जमीन ली जा चुकी है। अब और जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो किसानों के पास जमीन नहीं बचेगी और उनके रोजगार पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। ऐसे में किसानों ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। बेरखेरी गुरु पटवारी हल्का नंबर-56 तहसील सागर के किसानों ने दिए ज्ञापन में बताया कि रिंग रोड के लिए एनएचएआई द्वारा ढाना से लहदरा नाका तक कृषि भूमि का सर्वे किया जा रहा है। इसे रोके जाने के साथ-साथ अधिग्रहण रोके जाने का आग्रह है। सर्वे के बाद संभावना है कि शासन द्वारा कृषि भूमि का अधिग्रहण कर रोड बनाया जाएगा। यह जमीन कृषि के लिए कीमती है। इससे स्थानीय किसानों एवं मजदूरों को कृषि से संबंधित कार्यों से रोजगार मिल रहा है। अधिग्रहण किया गया तो किसान एवं उनके परिवारजन, मजदूर एवं उनके परिवार के लोगों को रोजगार का संकट होगा। यहां कृषि के अलावा कोई भी रोजगार का साधन नहीं है। लोग बेरोजगार हो जाएंगे। क्षेत्र में शासकीय एवं बंजर जमीन है। इस जमीन पर रिंग रोड बनाया जा सकता है। यह रोड नाका से होते हुए ग्राम सलैया-गौसरा-तेरहमील-जसराज की पहाड़-पिपरिया ढाना तक निकाला जा सकता है। किसानों ने मांग की है कि शासन द्वारा रिंग रोड निकालकर किए जा रहे अधिग्रहण को रोका जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो किसानों एवं उनके परिवारों को इच्छा मृत्यु का आदेश दिया जाए।

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