हेरिटेज नगर निगम कमिश्नर अरुण हसीजा ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में जयपुर को नंबर वन बनाने के लिए नगर निगम द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब हेरिटेज निगम क्षेत्र की कॉलोनी में स्वीपर आईडेंटिफाई किए जाएंगे, कमर्शियल एरिया में डबल शिफ्ट में सफाई की जाएगी, नाले, पार्क और स्कूल साफ रहे इसकी अलग से मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके साथ ही कही पर भी ओपन कचरा डिपो नजर ना आए, रेड स्पॉट और येलो स्पॉट ना मिले। इसको लेकर जोन स्तर पर अभियान के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कमिश्नर ने बताया कि हेरिटेज क्षेत्र में आईईसी एक्टिविटी के जरिए काफी समझाइश की जा चुकी है। लेकिन इसके बाद भी काफी लोग शहर को गंदा कर रहे हैं। जिनके खिलाफ अब सख्ती करते हुए ज्यादा से ज्यादा चालान किए जाएंगे। इसके लिए नगर निगम के सभी चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर को एक एप्लीकेशन दी गई है। इसके जरिए वो शहर को गंदा करने वाले लोगों के चालान कर सकेंगे और इसके लिए उन्हें पावर भी दी गई है। ऐसे थूकने से लेकर किस गलती का कितना चालान करना है, ये सारी जानकारी मोबाइल ऐप में होगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही नगर निगम के सभी के सेनेटरी इंस्पेक्टर को चालान काटने का एक टारगेट भी दिया जाएगा। ऐसे में जहां पर भी अनियमितता और गंदगी देखने को मिलेगी। वहां ज्यादा से ज्यादा लोगों के चालान काटे जाएंगे। कमिश्नर ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण वैज्ञानिक तरीके से आयोजित किया जाता है। जिसमें हर गतिविधि के लिए कुछ अंक निर्धारित हैं। हर एक गतिविधि की जानकारी चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर लेवल तक देनी जरूरी है। क्यों कि लास्ट एंड पर जो फील्ड में काम करते हैं, वो सफाई कर्मचारी इन्हीं के अधीन होते हैं। उनसे डायरेक्ट कम्युनिकेशन बनाने के लिए जोन वाइज मीटिंग ले रहे हैं। ताकि वो अपने काम को उस अनुसार और बेहतर कर सके।


