किसी भी हॉस्पिटल का ट्रोमा वार्ड उसका रीढ़ की हड्डी होता है। क्योंकि 24 घंटे एक्टिव रहने वाले इस वार्ड में कभी भी एक्सीडेंट केस, मारपीट केस और गंभीर मरीज आ जाते है। ऐसे में उन गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार मिले और उनकी जान बचाई जा सके, इसलिए हॉस्पिटल प्रबंधन ने इसे अपडेट करते हुए और डॉक्टर्स लगाए हैं। बांगड़ हॉस्पिटल के डॉ. सुखदेव चौधरी ने बताया कि हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. एचएम चौधरी के निर्देश पर हॉस्पिटल के ट्रॉमा वार्ड में चिकित्सा सुविधा और बेहतर करने पर काम किया गया है। पहले इस वार्ड में तीन डॉक्टर सेवाएं दे रहे थे उनकी संख्या बढ़ाकर पांच की है। इसके साथ ही पांच इंटर्न डॉक्टर को भी यहां ड्यूटी पर लगाया है। स्टाफ यूनिफॉर्म और समय पर ड्यूटी पर आ रहे है या नहीं इसको लेकर रोज ड्यूटी रजिस्ट्रर की जांच की जा रही है। साफ-सफाई वार्ड और ट्रॉमा वार्ड परिसर में समय पर और अच्छे से हो इसको लेकर भी सफाईकर्मियों को पाबंद किया है। इसके साथ ही ट्रॉमा वार्ड प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि बेड पर चादरें रोजाना बदली जा रही है और गंभीर मरीजों को तुरंत वार्ड में ट्रॉली मैन लेकर पहुंचे, इसको लेकर उन्हें ड्यूटी को लेकर अलर्ट रहने के भी निर्देश दिए गए है। डॉक्टर ड्यूटी रूम की कार्य चल रहा प्रोसेस में
उन्होंने बताया कि ट्रॉमा वार्ड में डॉक्टर्स 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। ऐसे में उनके लिए रेस्ट रूम के निर्माण के लिए भी एक प्रपोजल तैयार किया है ताकि डॉक्टर्स के लिए रेस्ट रूम का निर्माण हो सके।


