छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड मामले की जांच करने SIT बुधवार को क्राइम लोकेशन पहुंची है। जिस सेप्टिक टैंक से मुकेश की लाश निकाली गई थी, अब उसका पूरा स्लैब निकाला गया है। SIT की टीम बारीकी से हर एक पहलुओं की जांच कर रही है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में 3 मुकेश के चचेरे भाई ही हैं। 11 सदस्यीय SIT टीम कर रही जांच इस हत्याकांड के बाद सरकार ने ASP मयंक गुर्जर (IPS) के नेतृत्व में 11 सदस्यीय SIT टीम का गठन किया था। वहीं SIT टीम लगातार इस घटना की छानबीन कर रही है। हत्यारों से पूछताछ भी की जा रही है। 1 जनवरी को हुई थी हत्या पुलिस ने मिली जानकारी के मुताबिक बीजापुर के ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के घर में मुकेश की हत्या की प्लानिंग बनी थी। वहीं सुरेश चंद्राकर के छोटे भाई रितेश ने 1 जनवरी की रात मुकेश को सुरेश के बैडमिंटन कोर्ट परिसर में डिनर करने बुलाया था। इसके बाद से मुकेश लापता था। सभी आरोपी गिरफ्तार 3 जनवरी की शाम मुकेश की लाश ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के बैडमिंटन कोर्ट परिसर के सेप्टिक टैंक में मिली थी। इसके बाद सुरेश चंद्राकर खुद हैदराबाद भागा और अपने भाई रितेश को रायपुर की तरफ भगा दिया था। वहीं पुलिस ने शव बरामद कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये हैं SIT टीम के सदस्य …………………………………. यह खबर भी पढ़िए… नमस्कार मैं मुकेश चंद्राकर हूं…ये मेरी कहानी है: CM बनने का सपना था, मैकेनिक से बना पत्रकार; नक्सलियों के चंगुल से जवान को छुड़ाया बाबू मुशाई…जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं… बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर को महज 33 साल की उम्र में जान गंवानी पड़ी, लेकिन ये 33 साल की जिंदगी में उसने बड़ा नाम कर लिया। इसमें से एक बड़ी अचीवमेंट थी नक्सलियों के चंगुल से CRPF जवान और सब इंजीनियर को छुड़ाना। यहां पढ़ें खबर… पत्रकार हत्याकांड…मारने से पहले हत्यारों ने खिलाया खाना:चचेरे भाइयों ने मारा, इनमें जिगरी दोस्त था रितेश, भागने का पहले से तय था रूट तारीख 1 जनवरी 2025 समय – शाम 7 बजे….ये वो तारीख और वक्त है, जब बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर का मर्डर हुआ। हत्यारों ने पहले डिनर पर बुलाया। खाना खिलाकर जमकर पीटा। जब मुकेश अधमरा हो गया, तो उसका गला घोंटा, फिर धारदार हथियार से सिर पर मारा, जिससे ढाई इंच घाव हो गया। यहां पढ़ें खबर…


