कालरी क्षेत्र में शातिर सूदखोर सक्रिय मजदूरों के बैंक पासबुक एटीएम कब्जे में
अनूपपुर। जमुना भालूमाडा कालरी क्षेत्र में सूदखोरी का अवैध कारोबार बेधडक फल फूल रहा है, जमुना कोतमा कालरी क्षेत्र में बीसो ऐसे शातिर सूदखोर है जो सौ दो दो सौ कालरी कर्मचारियो छोटे व्यापारियो को ब्याज में पैसा बांट बांट कर हर माह कई कई लाख रूपये सूद में अवैध कमाई करते है, ज्ञातव्य हो कि जमुना कोतमा कालरी क्षेत्र में सूद का अवैध धन्धा करने वाले कई ऐसे सूदखोर है जो सौ सौ दो दो सौ कालरी कर्मचारियो को सूद में पैसा बाटे है, उनके बैंक पास बुके ए टी एम काडों को जबरन अपने पास गिरवी रखे हुए है और ब्याज में पैसा लेने वाले कालरी कर्मचारियो के मांगने पर भी सूदखोर उनकी बैंक पास बुक व ए टी एम नही देते है।
वेतन का पैसा सूदखोरो के पास
कर्मचारी व्याज में रकम उधारी लिए रहता है, उसे हर माह अपने साथ बैंक ले जाकर उसका हर माह का वेतन अपने सामने निकलवाकर पूरी वेतन की राशि बैंक में ही छीन कर चार छः हजार जीने खाने के लिए कालरी कर्मचारियो को वापस कर बाकी पूरा वेतन ब्याज के नाम पर सूदखोर अपने पास रख लेते हैं। कोतमा जमुना भालूमाडा कालरी क्षेत्र में सूदखोरी का अवैध कारोबार करने वाले शातिर सूदखोर अनाप सनाप 10, 20, 30, 50 प्रतिशत मासिक ब्याज वूसलते है, कोतमा जमुना भालूमाडा कालरी क्षेत्र में सूदखोरो का अवैध धन्धा करने वाले शातिर सूदखोरो की कोई भी निर्धारित ब्याज दर नही होती, जिसके कारण ब्याज में रकम लेने वाले कालरी कर्मचारी पूरा वेतन हर माह ब्याज में देने के बाद भी वह आसानी से ऋण मुक्त नही हो पा रहे है।
80, 70 हजार वेतन, फिर भी गरीब
जो कालरी कर्मचारी सूदखोरो से उधारी ब्याज में रकम ले लिए है वह चाहे भले ही हर माह 80, 70 हजार रूपये वेतन पाए, लेकिन पूरा वेतन उनका सूदखोर ही ब्याज के नाम पर रख लेते है, और 80, 70 हजार मासिक वेतन पाने वाले कालरी कर्मचारियों को चार छः हजार रूपये ही में ही गरीबी गुजारा करना पडता है।
सूदखोरो के हौसले बुलन्द
जमुना कोतमा कालरी क्षेत्र में सूदखोरी का अवैध कारोबार कर हर माह कई कई लाख की अवैध कमाई करने वाले शातिर सूदखोरो के खिलाफ किसी भी तरह की पुलिसिय कार्यवाही न हो पाने से सूदखोरों के हौसले खासे बुलन्द है। दादागिरी से वसूलते है ब्याज जमुना कालरी क्षेत्र में सूदखोरी का अवैध कारोबार करने वाले शातिर सूदखोर उधारी लेने वाले कालरी कर्मचारियो से हर माह दादागीरी से ब्याज वसूलते है, किसी माह अगर कोई कालरी कर्मचारी किसी कारण ड्यूटी नही किया और वेतन कम मिला तो सूदखोर कालरी कर्मचारी को बीच चौराहे में गाली गलौज करते है, यहां तक की मारपीट भी करते है तथा तरह तरह की प्रताडना देते है, सूदखोरो की प्रताडना से सूद पर कर्ज लेने वाले कई सैकडा कालरी कर्मचार खासे परेशान है। इन्ही शातिर सूदखोरो की प्रताडना से तंग आकर 2006 में जमुना कालरी रेस्ट हाऊस कर्मचारी मुन्ना परिवार के बीवी बच्चे मां सहित कुल 6 लोग खीर में जहर मिला कर मौत को गले लगा लिए है, जिसके बाद तत्कालीन जिला कलेक्टर के के खरे व तत्कालीन एस पी गौरव राजपूत द्वारा जमुना कोतमा कालरी क्षेत्र सहित समूचे अनूपपुर जिले में सूदखोरो के खिलाफ सघन अभियान चला कर कई सूदखोरो के खिलाफ आवश्यक पुलिसिया कार्यवाही की गई थी। तब कुछ सालो तक जमुना कोतमा कालरी क्षेत्र में बहुत हद तक सूदखोरो के अवैध कारोबार पर अंकुश लगा था, लेकिन इन दिनो वहीं शातिर सूदखोर तरीका बदल बदल कर बेखौफ होकर खुलेआम सूदखोरी का अवैध कारोबार करने लगे है। पुलिस प्रशासन को सूदखोरो के खिलाफ अभियान चलाए जाने की है जरूरत जमुना कोतमा कालरी क्षेत्र में फल फूल रहे सूदखोरी के अवैध कारोबार को पूरी तरह से बंद कराने व शातिर सूदखोरो के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के लिए पुलिस प्रशासन को सूदखोरो के खिलाफ सघन पुलिसिया अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है, ताकि 2006 की भांति सूदखोरो की प्रताडना से कोई अप्रिय दुर्घटना न घटित हो सके।


