अमरकंटक में कवि सम्मेलन कवियों ने गीतों गजलों से बांधा समां

अमरकंटक में कवि सम्मेलन कवियों ने गीतों गजलों से बांधा समां
अमरकंटक।
कविता यात्रा एवं बाबू प्यारेलाल गुप्त सृजन पीठ रतनपुर के साहित्यकारों ने रविवार को अमरकंटक भ्रमण किया। यहां आयोजित कवि सम्मेलन में रतनपुर के कवियों ने अपने गीतों और गजलों से समां बांध दिया. अमरकंटक दर्शन के लेखक संजय श्रीवास को अमरकंटक गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि तखतपुर के वरिष्ठ साहित्यकार हूपसिंह क्षत्रिय थे। अध्यक्षता बिलासपुर के वरिष्ठ साहित्यकार जगतारन डहरे ने की। कवि सम्मेलन  का आगाज मां नर्मदा मंदिर एवं नर्मदा उद्गम कुंड में पूजन अर्चन से हुआ. कविता यात्रा के संयोजक डा. राजेन्द्र कुमार वर्मा ने स्वागत भाषण दिया एवं यात्रा गीत प्रस्तुत कर लोगों को भाव विभोर कर दिया.  इसके बाद अमरकंटक दर्शनश् सहित अमरकंटक पर केन्द्रित तीन कृतियों के लेखक संजय श्रीवास को शाल श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर अमरकंटक गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया. कवि सम्मेलन में हूपसिंह क्षत्रिय जगतारन डहरे रामरतन भारद्वाज मदन सिंह ठाकुर प्रमोद कश्यप  दिनेश तिवारी डॉ राजेन्द्र कुमार वर्मा एवं ब्रजेश श्रीवास्तव ने अपने माधुर्यमय गीतों और गजलों से श्रोताओं को रसविभोर कर दिया। अमरकंटक का रतनपुर से पुराना नाता-साहित्यकार व इतिहासकार ब्रजेश श्रीवास्तव ने कहा कि अमरकंटक व रतनपुर का बहुत पुराना नाता है। रतनपुर के कल्चुरि राजाओं ने नर्मदा उद्गम कुंड के पास ही 12 वीं शताब्दी में अनेक मंदिरों का निर्माण कराया था जिसके अवशेष अब भी मौजूद हैं। मराठा राजा बिंबाजी भोसले ने भी अमरकंटक कुंड के पास सौंदर्यीकरण कराया था। वहीं संस्कृत के महाकवि बाब रेवाराम का जन्म भी नर्मदा नदी की मानता से हुआ था। मुख्य अतिथि हूपसिंह क्षत्रिय ने अमरकंटक में कविता यात्रा के आयोजन की सराहना करते कहा कि रचनाकार समाज हित में साहित्य सृजन करें और उसे जन जन तक पहुंचाने का प्रयास करें। अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ कवि जगतारन डहरे ने कहा कि साहित्यकार समाज को जोड़ने का काम करता है अतरू हम सब रचनाकारों को सकारात्मक भाव की रचना लिखनी चाहिए। अमरकंटक दर्शन के लेखक संजय श्रीवास ने कहा कि आप सब रतनपुर से आकर मेरा यहां सम्मान कर रहे हैं यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। संचालन ब्रजेश श्रीवास्तव ने एवं आभार डॉ राजेंद्र कुमार वर्मा ने व्यक्त किया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *