इंदौर नगर निगम ने बुधवार को दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस परियोजना के तहत एक साल में नगर निगम के 90 लाख से अधिक महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड्स का डिजिटलीकरण किया जाएगा। डिजिटलाइजेशन प्रक्रिया में दस्तावेजों को संबंधित विभाग से प्राप्त कर स्कैन किया जाएगा। यदि किसी दस्तावेज में त्रुटि पाई जाती है तो उसे सुधारा जाएगा। इसके बाद, डेटा एंट्री की जाएगी और स्कैन किए गए पेज की पीडीएफ तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे रिकॉर्ड कभी खराब नहीं होंगे। नगर निगम के सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रभारी राजेश उदावत ने बताया कि वर्तमान में ई नगर पालिक सिस्टम, जो भोपाल से संचालित होता है, में कई समस्याएं आती रहती हैं। इस वजह से नगर निगम खुद का पोर्टल भी बना रहा है। इसके तहत, डिजिटल इंदौर के तहत नगर निगम 24 से अधिक सेवाएं प्रदान करेगा और निगम मुख्यालय तथा ज़ोनल कार्यालयों के नेटवर्क और इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड भी किया जाएगा। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे, डॉ. उमा शशि शर्मा, सभापति मुन्ना लाल यादव, महापौर पुष्यमित्र भार्गव समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा- ‘हमारा सपना ग्रीन और क्लीन इंदौर के साथ-साथ डिजिटल इंदौर का था, जिसे आज हमने पूरा किया है। अब निगम के 90 लाख से अधिक दस्तावेजों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा।’


