राजस्थान में नेशनल हाईवे पर डीजल 18 रुपए सस्ता मिल रहा है। पढ़कर चौंक गए! लेकिन यह सच है, क्योंकि डीजल मिलावटी है। राज्य में मिलावटी डीजल बेचने वाली गैंग एक्टिव है। हाईवे पर खड़े टैंकर वहां से गुजर रही गाड़ियों को रोकते है, उन्हें बाजार भाव से 12 से 15 रुपए सस्ता डीजल ऑफर करते हैं। पूरे मामले में भास्कर ने मिलावटखोर लुटेरों को एक्सपोज करने के लिए टैंकरों का लगातार पीछा किया था, जिसके बाद हैरान कर देने वाला सच सामने आया था। खुलासे के बाद रसद विभाग ने निगरानी बढ़ा दी थी। बुधवार(10 दिसंबर) को पाली में रसद विभाग ने नेशनल हाईवे- 62 पर रामासिया गांव के पास सुखसागर होटल पर पेट्रोलियम, केमिकल का अवैध स्टॉक पकड़ा है। एक ट्रक में 16 ड्रम मिले, जिसमें 13 भरे हुए थे। होटल में भी 13 ड्रम में डीजल मिला। बॉयो डीजल के नाम पर बेच रहे सस्ता डीजल पूरा नेटवर्क गुजरात से चल रहा है। डीजल माफिया बॉयो डीजल के नाम पर मिलावटी डीजल हाईवे पर खुलेआम बेचता है। पाली जिले में कई ड्राइवर ढाबों के पीछे अपने मिलावटी डीजल के टैंकर लेकर खड़े हो जाते हैं। यहीं से डीजल बेचा जाता है। जो डीजल पेट्रोल पम्प पर 92 रुपए प्रति लीटर की कीमत में बिकता है, वहीं डीजल गैंग के लोग 75-80 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बेचते हैं। कम पैसों में मिलने के कारण ट्रक ड्राइवर्स मिलावटी डीजल इनसे खरीदते है, जिसकी अनुमानित खपत लाखों में है। दूध, कोयला के बाद अब मिलावटी डीजल बेच रहे अधिकारियों का कहना है- गुजरात से दूध, केमिकल और डीजल देशभर में सप्लाई होने के लिए सड़क रास्ते से जाता है। लेकिन कुछ ड्राइवर बीच रास्ते में मिलावट करते हैं। यह काम गुजरात और राजस्थान की बॉर्डर पर किया जाता है, इसमें गुजरात की गैंग शामिल है। फिर इसी मिलावटी डीजल को गुजरात से लाकर राजस्थान में बेचते है। इसे वैसे ही अंजाम दिया जाता है जैसे अच्छी क्वालिटी का कोयला और दूध निकालकर मिलावटी कोयला और दूध गाड़ियों में भर दिया जाता है। शिकायतों के बाद भी नहीं लगा अंकुश हिंदुस्तान पेट्रोलियम पाली डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कार्तिकेय श्रोत्रिय कहते है- हाईवे किनारे ढाबों की आड़ में पिछले बॉयो डीजल के नाम पर मिलावटी डीजल ड्राइवरों को बेचने वाला माफिया पनप रहा है। इससे हाईवे किनारे संचालित पेट्रोल पम्प की बिक्री कम हुई है। यह मिलावटी डीजल गाड़ियों का इंजन खराब करने का काम करता है। पुलिस को भी एक बार बायो डीजल बेचने का मामला पकड़वाया था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके कारण इन अवैध कामों पर अंकुश नहीं लग पाया है। इसके कारण सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक्सपर्ट बोले– इंजन हो सकता है सीज एक्सपर्ट के अनुसार- मिलावटी डीजल गाड़ी के इंजन को खराब करने का काम करता है। ऐसा डीजल उपयोग करने के छह से सात महीने बाद गाड़ी के इंजन में टेक्निकल खराबी आ जाती है। वह सीज भी हो सकता है, लेकिन अधिकतर ड्राइवरों की गाड़ियां खुद की नहीं होती, इसलिए वे सस्ता मिलावटी डीजल खरीदकर अपनी गाड़ी में भर लेते है। अधिकारी बोले– सैंपल रिपोर्ट आने के बाद दर्ज करवाएंगे FIR दरअसल, बुधवार(10 दिसंबर) को रामासिया के निकट केमिकल से भरे ड्रम एक ढाबे की आड़ में पकड़े गए थे। रसद विभाग की टीम ने उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की। लेकिन अभी तक मामले में किसी ने थाने में FIR नहीं दी। इसके कारण किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पाली जिला रसद अधिकारी मनजीत सिंह का कहना है- जब्त केमिकल के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे है। कौन सा केमिकल है, और किस धारा में मामला दर्ज करवाना है, वह सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। उसके बाद FIR दर्ज करवाएंगे और मामले में आरोपी भी बनाएं जाएंगे। हालांकि होटल के पीछे यह सब किया जा रहा था, इसको देखते हुए जिले में मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है। सख्त कार्रवाई की जाएगी। …. मिलावटी डीजल के खुलासे वाली ये खबरें भी पढ़िए…
भास्कर के कैमरे पर टैंकर से पेट्रोल चुराने वाले लुटेरे:भर देते हैं पानी-केरोसिन, असली पेट्रोल-डीजल किराना की दुकानों पर बेच देते हैं, पार्ट-1 राजस्थान में गैंग टैंकरों से पेट्रोल-डीजल चुरा रही हैं। ऑयल डिपो से रवाना होने के बाद पंप पर पहुंचने से पहले गैंग के बदमाश गैरेज, झाड़ियों या सुनसान रास्तों पर ड्राइवरों की मिलीभगत से महज 15-20 मिनट में हजारों लीटर पेट्रोल-डीजल चुरा लेते हैं। पूरी खबर पढ़िए देखिए, आपकी कार-बाइक का पेट्रोल कैसे पानी बन जाता है:तेल चोर गैंग मिला रही खतरनाक केमिकल, इंजन सीज का खतरा, पार्ट-2 स्पेशल इन्वेस्टिगेशन सीरीज के पार्ट-1 में भास्कर ने खुलासा किया था कि किस तरह गैंग हाईवे पर टैंकर लूटकर पेट्रोल की जगह थिनर-केरोसिन भर देते हैं। अब दूसरे पार्ट में पढ़िए आपकी कार-बाइक का पेट्रोल कैसे पानी बन जाता है? पूरी खबर पढ़िए


