उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में विश्वविद्यालयों की लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए विवि शिक्षकों की डिप्टी डायरेक्टर पद पर प्रतिनियुक्ति की गई है। लेकिन, इन पर समय-समय पर शिक्षक विरोधी कार्य करने के आरोप लगते रहे हैं। कभी पीएचडी इंक्रीमेंट, तो कभी प्रमोशन को लेकर। सेवानिवृत्त विवि शिक्षकों ने भी डिप्टी डायरेक्टर पर शिक्षक विरोधी कार्य करने का आरोप लगाया है। साथ ही, इनकी प्रतिनियुक्ति रद्द कर विवि सेवा में वापस करने की मांग की है। बुधवार को फेडरेशन ऑफ रिटायर्ड यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ऑफ (फ्रुक्टाज) की मीटिंग डॉ. ओंकारनाथ श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग के बाद महासचिव डॉ. हरिओम पांडेय ने उपरोक्त बातें कहीं। मीटिंग में चार प्रस्ताव पर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया। इसमें हरिद्वार में फरवरी में होनेवाले एआईफ्रुक्टो के अधिवेशन में झारखंड के चार सदस्य शामिल होंगे, ओएन श्रीवास्तव, डॉ. रामइकबाल तिवारी, डॉ. हरिओम पांडेय और डॉ. जेएल उरांव। इसके बलावा 5वें वेतन का बकाया 39 प्रतिशत हिस्सा भुगतान करने, हाईकोर्ट द्वारा निर्देशित भुगतान लागू करने और लंबित मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट कराने के लिए राज्यपाल से मिलने का निर्णय लिया गया। बैठक में डॉ. एसके झा, डॉ. बासुदेव सिंह, डॉ. रामकुमार तिवारी, डॉ. बी तिग्गा, डॉ. बागेशचंद्र वर्मा, डॉ. अंसारी, डॉ. शाहदेव आदि शामिल थे।


