कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बुधवार को कहा कि झारखंड में महुआ का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होगा। कृषि विभाग विभिन्न सब्जियों और वनोपजों की भी एमएसपी तय करने की तैयारी की जा रही है। मंत्री ने विभागीय समीक्षा के बाद नेपाल हाउस में उक्त जानकारी दी। मंत्री बनने के बाद दूसरी मासिक समीक्षा बैठक में शिल्पी नेहा तिर्की ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं को लेकर एक्शन टेकन रिपोर्ट पर चर्चा की। समीक्षा बैठक के दौराना वीएलडब्ल्यू के काम को लेकर नाराज दिखीं : समीक्षा बैठक के दौरान वीएलडब्ल्यू के काम को लेकर कृषि मंत्री नाराज दिखीं। कहा- वीएलडब्ल्यू की नियुक्ति कृषि विभाग ने की है। उनके वेतन का भुगतान भी कृषि विभाग ही करता है, लेकिन वे आवास योजना और मनरेगा के लिए ज्यादा काम करते हैं। मंत्री ने वीएलडब्ल्यू को कृषि विभाग की योजनाओं के लिए काम करने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक के दौरान यह बात भी सामने आई कि जरूरतमंद लाभुकों तक कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की योजनाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। कुछ खास किसानों को ही विभाग की एक से ज्यादा योजना मिल रही है। मांडर और चान्हो में सिंचाई से संबंधित एक भी आवेदन नहीं कृषि मंत्री ने कहा कि मांडर और चान्हो में सिंचाई से संबंधित एक भी आवेदन नहीं मिला है, यह हैरान करने वाली बात है। दरअसल, किसानों को विभाग की योजना की सही जानकारी नहीं है। मंत्री ने बताया कि 18 जनवरी को चान्हो में प्रमंडल स्तरीय कृषि मेला का आयोजन किया गया है। मंत्री ने कहा कि बिरसा ग्राम पाठशाला योजना एक अच्छी योजना है, लेकिन उसका लाभ किसानों को नहीं मिल पाया।


