बोकारो में पुरुष ने ले ली मंईयां सम्मान राशि, एफआईआर दर्ज

प्रज्ञा केंद्र के ऑपरेटर आनंद प्रजापति ने लिया लाभ, वसूले गए 6500 रुपए झारखंड सरकार मंईयां सम्मान योजना के अपात्र लाभुकों को ढूंढ़ने में जुट गई है। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के डीसी को इसकी जांच करने, अपात्र लाभुकों का नाम काटने और इसकी रिपोर्ट भेजने को कहा है। आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका और सहायिका लाभुकों का सत्यापन कर रही है। अगर किसी अपात्र ने राशि ली है तो उसे ब्याज समेत वापस करना होगा। जांच के दौरान सिर्फ बोकारो में ही करीब 6000 अपात्र लाभुक पकड़ में आए हैं। यही नहीं, बोकारो के कसमार में एक पुरुष ने भी इस योजना की राशि ले ली। प्रज्ञा केंद्र के ऑपरेटर कसमार के मझुरा गांव निवासी आनंद कुमार प्रजापति ने अपने नाम से आवेदन देकर पैसे ले लिए थे। बोकारो डीसी विजया जाधव ने बताया कि उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उससे 6500 रुपए की वसूली भी हुई है। कसमार बीडीओ ने उस प्रज्ञा केंद्र का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा भी की है। इस पर कार्रवाई चल रही है। -शेष पेज 15 पर आपके खाते में पैसे नहीं गए, तो क्या करें… पूर्व में फॉर्म भरा है, पर पैसे खाते में नहीं आए हैं, तो इस बारे में शहरी महिलाएं सीओ कार्यालय और ग्रामीण महिलाएं बीडीओ कार्यालय से जानकारी लें। गलती रह गई हो, तो उसे शुद्ध करवा लें। फार्म भरने से पहले सरकार का संकल्प पढ़ें: सचिव समाज कल्याण सचिव मनोज कुमार ने कहा कि सरकार ने मंईयां सम्मान योजना का संकल्प जारी कर दिया है। लाभुक उसे पढ़ें। अगर वह पात्र हैं और आवेदन नहीं किया है, तो आवेदन करें। वहीं, सामाजिक सुरक्षा निदेशक समीरा एस. ने कहा कि अभी जिलों ने अपात्र लाभुकों के बारे में रिपोर्ट नहीं भेजी है। ऐसी सूचना है कि सभी जिलों में इस संबंध में जांच चल रही है। मंईयां योजना के अपात्र लाभुकों की सूची बनाने में जुटी सरकार जानिए… कौन है योजना की पात्र जो झारखंड की निवासी हो। आवेदन के समय 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हो। 50 वर्ष से कम आयु की हो। आवेदक के पास आधार और राशन कार्ड हो। आयकर देने वाले परिवार से न हो। परिवार में पति-प|ी, अविवाहित व दिव्यांग बच्चे शामिल हैं। आवेदक स्वयं या उनके पति और अविवाहित आवेदक के पिता केंद्र सरकार, राज्य सरकार, केंद्र या राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विधिक निकाय, स्थानीय निकाय, शहरी निकाय तथा सरकार से सहायता प्राप्त संस्थानों में नियमित/ स्थाई कर्मी/संविदा कर्मी, मानदेय कर्मी के रूप में नियोजित न हों। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन/पारिवारिक पेंशन प्राप्त नहीं कर रही हों। आवेदक ईपीएफ धारी न हो। आवेदक को राज्य सरकार की ओर से कोई पेंशन नहीं मिल रही हो। जिन्होंने अब तक आवेदन नहीं दिया, वे क्या करें अगर ऐसी महिला शहर में रहती हैं, तो उन्हें अपने क्षेत्र के अंचल कार्यालय में जाकर फॉर्म भरना होगा, जबकि ग्रामीण महिलाओं को अपने प्रखंड विकास कार्यालय जाना होगा। फॉर्म भरते समय बैंक का अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड सही-सही भरना होगा। नाम और उम्र की जानकारी भी सही होनी चाहिए। खाते में पैसे नहीं आए… धनबाद में महिलाओं का हंगामा, योजना के बैनर-पोस्टर को आग लगाई कई महिलाओं के खाते में मंईयां सम्मान योजना की राशि नहीं पहुंची है। इसको लेकर बुधवार को राज्यभर में बीडीओ-सीओ कार्यालय में महिलाएं जमा हो गईं। धनबाद के सीओ कार्यालय में करीब तीन घंटे तक हंगामा हुआ। महिलाओं ने परिसर में लगे योजना से जुड़े बैनर-पोस्टर को फाड़ दिया और सड़क पर ले जाकर आग लगा दी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *