कारोबारियों ने कहा- रात के 10 बजे के बाद शहर में नहीं दिखती पुलिस

भास्कर न्यूज |लुधियाना शहर में बढ़ते अपराध और कारोबारियों के खिलाफ हो रही लूटपाट की घटनाओं ने व्यापारियों को डरा दिया है। व्यापारियों का कहना है कि वे अब अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलने में भी डरने लगे हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन केवल बड़े अधिकारियों या मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ही सक्रिय दिखता है, बाकी समय शहर में लूटपाट की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रात को पुलिस नाके की कोई व्यवस्था नहीं होती और न ही सड़कों पर पुलिस गश्त नजर आती है। व्यापारियों ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी सवाल उठाए हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर हो चुकी है। उनका कहना है कि अपराधियों को खुली छूट मिल गई है, जिससे हर रोज नए वारदात हो रहे हैं। व्यापारियों का मानना है अगर स्थिति नहीं सुधरी तो वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। हरकेश मित्तल ने कहा कि अब बाहर से आने वाले व्यापारी भी डरते हैं कि कहीं उनके साथ कोई वारदात न हो जाए। इसके चलते वे उधारी पर मॉल खरीदने के लिए मजबूर हो रहे हैं, जो कारोबार के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। उधारी सामान देने की वजह से कई बार पेमेंट भी नहीं मिलती है। अगर पंजाब सरकार कारोबारियों की सुरक्षा नहीं कर सकती तो व्यापार कैसे चलेगा। कारोबारी विनोद थापर ने कहा कि पंजाब में कारोबारी सुरक्षा अब राम भरोसे है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन के खोखले दावे ही नजर आ रहे हैं, लेकिन जमीन पर सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। रोजाना कोई न कोई कारोबारी लुटेरों का शिकार हो रहे हैं और इससे युवा पंजाब छोड़कर विदेशों का रुख कर रहे हैं। कारोबारी चरनजीवी सिंह ने कहा कि अब कारोबारी घर से निकलते हुए बार-बार सोचते हैं कि कहीं कोई हादसा ना हो जाए। उन्होंने यह भी बताया कि न तो घर के अंदर और न ही फैक्ट्री में वे सुरक्षित महसूस करते हैं। हर जगह डर का माहौल है कि उन्होंने कहा। व्यापारी अब चाहते हैं कि पंजाब सरकार उनके लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। उनकी मांग है कि पुलिस प्रशासन को अधिक सक्रिय किया जाए, नाकों की व्यवस्था रात के समय भी की जाए और सड़कों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *